नवीनतम लेख/रचना

  • आज के लुकमान

    आज के लुकमान

    आपने पुराने जमाने के हकीम लुकमान के बारे में तो बहुत कुछ सुना ही होगा. आप सोच रहे होंगे, कि आज अचानक हमें हकीम लुकमान की याद क्यों हो आई? दरअसल आज हमने एक और जान...

  • एक सितारा चला गया!!!

    एक सितारा चला गया!!!

    कवियों के साथी सच्चे, आज अटल जी नहीं रहे। सादे जीवन उच्च विचार के, थे योद्धा अब नहीं रहे।। सावन के जाते मेघों संग, अटल रवि अब चलें गये। नेताओं के प्यारे,जन प्रिय, कवि हमारे, नहीं...

  • आजादी….

    आजादी….

    बड़े संघर्षों की है ये आजादी वीर सपूत बलिदानों की है आजादी सत्य अहिंसा का एक पुजारी कस ली कमर, ठान ली हिन्दोस्तां को दिलानी है आजादी लंबा संघर्ष, रैलियां, अनसन और आंदोलन को बना हथियार...

  • गजल

    गजल

    है मकाँ चारो तरफ अब घर नही मिलता मुझे दर्द की दुनियां में इक रहबर नही मिलता मुझे अब किताबो में बचे कुछ फूल मुरझाए हुए, ढूंढ़ता हूँ दर ब दर दिलबर नही मिलता मुझे  हर...



  • जीवन

    जीवन

    उदासियों के घेरे में बुलंदियों की ऊंचाई है , तन्हाई है वहां जिसके मन मे सच्चाई है । प्रेम का समर्पण सिर्फ मजाक लगता है , अरमान मंजिलों के दर्द की रोशनाई है । पतझड़ है...

  • दौर

    दौर

      महाकवि नीरज जी को दिल से नमन 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 वो दौर भी अजीब था , खिले खिले थे फूल से । ये दौर भी अजब सा है , मीत वो दूर से मिले । कारवां थम...

  • आह

    आह

    आह की तुम बात न करो , आंसुओं को कब भिगो पाया है जहां  बहती ही रही नदी निस्वार्थ भाव से किनारों को कब साहिल दे पाया है जहाँ ।   प्यार की तुम बात न...

  • चेतावनी जल की

    चेतावनी जल की

    जीवन-दाता मैं कहलाता सब लोगों की प्यास बुझाता पर्वतों से मैं निकालता फिर सागर से मै मिल जाता सब पुछते है मुझसे आखिर रंग मेरा कौन सा? मैं कहता हूँ मेरा ढंग है नया-सा अमृत कहते...

कविता