नवीनतम लेख/रचना

  • ममत्व

    ममत्व

    ममता की भावना-संवेदना की महत्ता के बारे मे तो हम बचपन से बहुत कुछ सुनते-देखते आए हैं, लेकिन ममत्व इतना शक्तिशाली भी हो सकता है, यह पहली बार जानने को मिला. ब्रेन इंजरी के बाद जब...



  • खत

    खत

    एक बहन का पत्र फौजी भाई के लिए।।। मेरे प्यारे नही नही खड़ूस भईया , मां के दुलारे देखो आप ये पत्र देख नाराज़ नही होना । मां के बहुत बोलने पर लिख रही हूं। लो...

  • “गीत” चैन की बांसुरी बजा रहे बाबा, सु-धर्म की धूनी जगा रहे बाबा आसन जमीनी जगह शांतिदायी नदी पट किनारे नहा रहे बाबा॥….. चैन की बांसुरी बजा रहे बाबा माया सह काया तपा रहे बाबा सुमन...

  • आकाश से ऊपर

    आकाश से ऊपर

    नीलिमा अपने घर में बैठी सोच में डूबी हुई जैसे सारा क़िस्सा अभी हाल में ही हुआ हो।पीछे की ज़िन्दगी में जाती है ….. घर में काम करने वाली शांता बाई नें एक दिन अपनी बेटी...

  • उड़ान बाक़ी है

    उड़ान बाक़ी है

    सरिता पचास साल पूरे कर चुकी थी आज उसका जन्मदिन था । बालकनी में बैठी अपने जीवन का ऑकलन कर रही थी !! क्या पाया-क्या खोया? अब आगे क्या -क्या करना है ? कितनी जल्दी दिन...


  • कविता

    कविता

    जब मै कोयल सी कूक रही थी पेङों पर,, तब मनमुग्ध से तुम भावविभोर हो उठे,, बसाया अपने मन में फूल की तरह… जब गौरैया सी चिहचिहा रही थी तुम्हारे स्मृति पटल पर, तब तुम धबराए,,...


राजनीति

कविता