नवीनतम लेख/रचना

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हादसों पर हादसे होते रहे फिर भी हम ये जिंदगी ढोते रहे किस तरह मिलती उन्हे अमराइयाँ जो बबूलों की फसल बोते रहें कोहरे में कैद जब सूरज हुआ दोपहर तक लोग सब सोते रहे यातना...


  • परफेक्शन

    परफेक्शन

    रोहन ऑफिस चले गए थे रोली सोच रही थी कि चाय बनाकर आराम से पीने की लेकिन मधुर की आ$आआ की आवाज सुनाई दी। चाय का विचार छोड़ आठ वर्षीय मधुर को सुबह की दिनचर्या से...

  • दहलीज

    दहलीज

    मैं आराम से एक कुशन गोदी में रखे हुए, मम्मी जी को मशीन पर काम करते हुए देख रही थी। चश्में के अंदर से झांकती दो अनुभवी आंखें, बड़े ही मनोयोग से एकदम सीधा टांका लेती...


  • साहित्य बनाम प्रसिद्धि

    साहित्य बनाम प्रसिद्धि

    विचारों के अंतर्द्वंद से फूटता है; भावनाओं का ज्वालामुखी। निकलता है शब्दों का गर्म लावा; बिखर जाता है कागज के धरातल पर स्याही की तरह और जन्म लेती है…… एक कविता ,कहानी या गज़ल।। ——   कल्पना...

  • एड्स रोग से राहत

    एड्स रोग से राहत

    वर्ल्ड एड्स डे रविवार 1 दिसंबर को मंजुला का मैसेज आया- ”दीदी, आपका बताया नुस्खा आजमाकर मुझे बहुत लाभ हुआ. पाचन क्रिया को पूर्णतः मजबूत बनाने के लिए मैंने रोज लंच से पहले एक लौंग खाना...

  • ग़ज़ल

    तुम मुझे लगती बहुत ही प्यारी हो सच-सच बताओ क्या तुम बिहारी हो अब तो होने लगा है प्यार भी तुमसे लगता है फ़नां होने की बारी हमारी हो जो भी आया खुरच कर घायल कर...

  • जिंदगी

    जिंदगी

    जिंदगी तुम जिंदगी को जीना सीखा देती हो। पल में रूला देती, कभी पल में हँसा देती हो। सबब कितना भी सुंदर हो मेरी जिंदगी का, आज जो दोस्त है कल दुश्मन बना देती हो। फुलों...

  • महाराजा सूरजमल जाट

    महाराजा सूरजमल जाट

    पं० मदन मोहन मालवीय ने सन् 1932 में दिल्ली में एक भव्य मन्दिर बनवाने की सोची। जिसे हम लक्ष्मी नारायण मन्दिर के नाम से आज जानते हेँ। इसकी आधारशिला के अवसर पर भारत वर्ष के राजा-महाराजाओं...

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