स्वास्थ्य

खजूर के लाभ

फल स्वास्थ के लिए बहुत फायदेमंद हैं.व्यक्ति को प्रतिदिन कोई न कोई फल खाना चाहिए. मेरे घर में कोई न कोई फल अवश्य रहता है, पर जब मैं अपने बेटे के यहां पुणे जाता हूं तो वहां बहुत तरह के फल खाने को मिलते हैं जो मुझे मेरे अपने शहर में भी उपलब्ध नहीं होते.आपको […]

क्षणिका पद्य साहित्य

क्षणिकाएँ

1प्रेम के तराजू पर सब हार जाओगे गर प्रेम को सच्चे दिल से निभाओगे प्रेम ही पूजा प्रेम इबादत प्रेम जन जन की भाषा है दर्द अपना भी भूल जाओगे गर प्रेम को अपनी रीत तुम बनाओगे । 2जिंदगी के पनघट पर हर गीत तुम्हारा है जिंदगी ढलती है पर संगीत तुम्हारा है क्यों न […]

कविता

पैसा

मैं पैसा हूं मैं बोलता हूं जब हो पैसे चार जेब में तब मेरी खनक देखिए देखिए उस वक्त मेरी चाल ढाल मेरे इर्दगिर्द लोगों का जाल भीड़ में दूर से दिखूंगा हर किसी का कह लाऊंगा मैं रिश्तेदार मेरी हां में हां मिलाने वालो की होगी लंबी फेहरिस्त क्योंकि मैं पैसा हूं मैं बोलता […]

कहानी

कलिका

कलिका कमरे में सिकुड़ी हुई सी बिस्तर पर बैठी थी। कमरे के बाहर से जाम टकराए जाने की आवाज़ आ रही थी। साथ में गूंज रही थी वह हंसी जो किसी भद्दे चुटकुले के बाद उन दोनों दोस्तों के कंठ से फूट रही थी। अब तो कई महीने बीत गए थे उसे यह सब सहते। […]

कविता

सारंगी वाला

प्रारंभ से ही रचा जाता रहा है व्यूह रोने और चुप कराने वालों के बीच। आ ही जाता वह बूढ़ा जोगी हर तीसरे-चौथे दिन कंधे पर कपड़े की लम्बी झोलीनुमा गठरी और खपच्चियों से बना बड़ा-सा बाजा लिये। घुटने तक के ढ़ीले कुरते और गन्दी धोती वाला बुड्ढा गांव के बच्चों के लिये बना हुआ […]

कविता

इतना आसान नहीं

इतना आसान नहीं मंजिल को पाना इतना आसान नहीं दिल की ही सुनना खटकने लगे हैं नयनों में सबके जबसे सुना है मन की ही खुद की अंधेरों में खोकर जब तक थे जिये झूठे सभी तारीफ ही करते पर जख्मों को वे नासुर बनाते तब माना झूठे ये नाते अच्छाई का स्वांग मैं रच […]

कविता

शरद पूर्णिमा

वर्षा बीती शरद पूर्णिमा आई और फिजा में शीतलता छाई मंद मंद बह रही समीर निराली भास्कर ने सुनहरी चुनर लहराईl रास रचायेंगे राधा कृष्णा खीर बनेगी चावल की अमृत बरसेगा आसमान से बातें होंगी मनुहार की। बारिश होगी जगत में श्वेत चांदनी की। आज चांद भी सोलह कलाएं दिखलाएगा खुद को नीले सागर सा […]

कविता

शिक्षा

शिक्षा का जीवन में है बहुत महत्व। शिक्षा से मिलेगा बच्चों को पुराना साहित्य। हिन्दू- मुस्लिम,सिख-इसाई सब धर्मों के लोग। शिक्षा से मिलेगी सम्प्रादायिक हिंसा में रोक। विभिन्न धर्म,विभिन्न जातियां,  विभिन्न हैं मान्यताएं। शिक्षा पाकर होगी सभी में समानताएं। शिक्षा में होता सभी धर्मों का समावेश। त्याग समर्पण के गुण होगें हिंसा को देंगे रोक। […]

कविता

श्री राम आराध्य हमारे

श्री राम आराध्य हमारे।जन जन की आंखों के तारे।मर्यादा जिनसे है शोभित,सारा जग है जिनसे मोहित,फैलाए जिनने उजियारे।श्री राम आराध्य हमारे।नाम दूसरा दशरथ नंदन,महके जिनका जीवन चंदन,इनसे  सत्य के फूटे धारे।श्री राम आराध्य हमारे।पत्नि जनक दुलारी सीता,क्रोध लोभ मद जिनने जीता,जिसने वचन पिता के धारे।श्री राम आराध्य हमारे।शापित सती अहिल्या तारी,शबरी जिनको थी अति प्यारी,शबरी […]

कविता

बगिया वाला फूल

मेरी बगिया वाला फूल ही सबसे सुन्दर उसे रोपे जाने का प्रेम दुलार मेरे अन्दर है। बगिया से जब निकलेगी तितलिया करेगी उनका स्वागत भोरें गुनगुनाएंगे मीठे गीत लगा लेगी बालों में बगिया का फूल इसे प्यार का सोभाग्य समझूंगा तब कहूँगा मेरी बगिया वाला फूल ही सबसे सुन्दर है। — संजय वर्मा “दृष्टि “