नवीनतम लेख/रचना

  • गज़ल

    गज़ल

    थोड़ी चालाकी से थोड़ी सी गद्दारी से, महल दोस्ती का जला इक चिंगारी से, दिल टूटा तो इक आह भी नहीं निकली, रिश्ते हमने निभाए बड़ी खुद्दारी से, दाखिला ले लिया खुदगर्ज़ी के मकतब में, दिल...


  • 4. कृष्ण बना दे

    4. कृष्ण बना दे

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   मां मुझको तू कृष्ण बना दे, देश प्रेम की लगन लगा दे, छोटा-सा पीताम्बर पहना, छोटी-सी वंशी दिलवादे. मोरपंख का मुकुट सजीला, मेरे शीश पे आज सजा दे, माखन-मिश्री खूब...

  • 3. धन्यवाद

    3. धन्यवाद

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   धन्यवाद हे आनंददाता, शक्तिदाता, दयानिधान, हे सुखदायक धन्यवाद है, सृष्टि के मालिक भगवान. तुम ही सबका हित करते हो, रखते हो हम सबका ध्यान, सद्बुद्धि दे, सत्पथ पर प्रभु, चलवाना...

  • 2. प्रार्थना

    2. प्रार्थना

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   सर्वशक्तिमान दाता, प्रेममय संसार दो, वाणी में हो मधुरता, मन में मृदुलता-सार हो.   आयु की रक्षा करो प्रभु, प्राण की रक्षा करो, ध्यान की रक्षा करो प्रभु, ज्ञान की...

  • 1. शारदे मां

    1. शारदे मां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) शारदे मां, शारदे मां, हमको अपना प्यार दे मां, बल-बुद्धि-विद्या-ज्ञान-दान दे, भव से हमको तार दे मां. श्वेतवसन हैं मत तुम्हारे, श्वेतकमल तेरा आसन है, मधुर कंठ-वर देने वाली, हंस तुम्हारा...

  • #अप्रैल फूल (चुनावी चुस्की)# पिता-पुत्र के दंगल में      बिखर गया परिवार। सत्ता हाथ से निकल गई   डुब गई सरकार।। साइकिल की रफ्तार को     हाथ ने लगाया ब्रेक। हाथी सूंड़ उठाकर   ईवीएम कर रहा...

  • क्षणिका

    क्षणिका

    हर हथेलियाँ जख्मी है हाथ आसमान से ऊँचे मीनारों के आगे फैले हुए क्या करे ? अब गरीबों को दूसरों की रोटी छीनने का सलीका भी तो नहीं आता अमित कु.अम्बष्ट ” आमिली “


  • टूटे सपने

    टूटे सपने

    दर्पण जैसे टूटे सपने । भ्रमर कोई जलजात निहारे । इक चकोर विधु, रात निहारे । हो बैठे दीवाने सारे – गीत लिखे थे जितने हमने । दर्पण जैसे ……………….. इक विरहन ,की शाम हुआ मैं।...

कविता