धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

सत्यार्थप्रकाश से वेदों के महत्व तथा मत-मतान्तरों की अविद्या का ज्ञान होता है

ओ३म् मनुष्य को यह ज्ञान नहीं होता है कि उसके लिये क्या आवश्यक एवं उचित है जिसे करके वह अपने जीवन को सुखी व दुःखों से रहित बना सके। मनुष्य जीवन के सभी पक्षों का ज्ञान हमें केवल वैदिक साहित्य का अध्ययन करने से ही होता है। वेद विद्या से युक्त तथा अविद्या से सर्वथा […]

गीत/नवगीत

कर्म छोड़कर निर्भरता की,

शक्ति, धैर्य, प्रेम की देवी, समर्पण तेरी महानता है। कर्म छोड़कर निर्भरता की, ये कैसी समानता है?? नर से सदैव कर्म में आगे। तुझसे ही नर भाग्य हैं जागे। नर तेरे बिन सदा अधूरा, तू सदैव ही आगे-आगे। प्रतियोगी बनती हो क्यूँ? कैसी आज वाचालता है। कर्म छोड़कर निर्भरता की, ये कैसी समानता है?? कानूनों […]

गीत/नवगीत

देवी नहीं, मानवी ही समझो

देवी नहीं, मानवी ही समझो, देवी कहकर बहुत ठगा है। बेटी, बहिन, पत्नी, माता का, हर पल नर को प्रेम पगा है।। बेटी बनकर, पिता को पाया। पिता ने सुत पर प्यार लुटाया। भाई पर की, प्रेम की वर्षा, पत्नी बन, पति घर महकाया। पराया धन कह, दान कर दिया, कैसे समझे? कोई सगा है। […]

समाचार

देशभर के 36 कलमकार हुए सम्मानित 

फतेहाबाद |  जनपद आगरा, तहसील फतेहाबाद की साहित्यिक संस्था – ब्रजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी ने देश भर के 36 साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों व समाजसेवियों का सम्मान किया | प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त कर्ताओं को ₹200 कीमत का सत साहित्य, प्रशस्ति पत्र व संस्था सदस्यता परिचय पत्र सहित पंजीकृत डाक / कोरियर […]

सामाजिक

नारी शिक्षा

प्राचीन भारत मे महिलाओ के  स्थान समाज मे काफ़ी महत्वपूर्ण था |महिलाएं भी पुरुषो के साथ यज्ञ मे भाग लेती थी, यूद्धाे मे जाती थी व शाशत्रर्य करती थी |धीरे -धीरे महिलाओ का स्थान पुरुषो के बाद निर्धारित किया गया तथा पुरुषो ने महिलाओ के लिए मनमाने नियम बनाए और उनको अपना जीवन बिताने के […]

लघुकथा

लघुकथा – शराब अच्छी या बुरी?

             चतुरमल को वर्षों बाद संतान सुख प्राप्त हुआ, वो भी जुड़वां बेटों के रूप में। उन्होंने एक शानदार कॉकटेल पार्टी का आयोजन किया। मांस, मदिरा से दस फीट दूर रहने वाले आलोक को भी मजबूरीवश शामिल होना पड़ा, चतुरमल से घनिष्ठ व्यापारिक सम्बंधों के चलते। पार्टी में पहुंचकर चारों […]

समाचार

ऑनलाइन लघुकथा सम्मेलन सम्पन्न

 मंडला–भारतीय युवा साहित्यकार परिषद के तत्वाधान में, फेसबुक के “अवसर साहित्यधर्मी पत्रिका ” के  पेज पर, संयोजक सिद्धेश्वर द्वारा आयोजित ऑनलाइन ” हेलो फेसबुक लघुकथा  सम्मेलन ” के तहत, मुख्य अतिथि डॉ संगीता तोमर ने कहा कि – ” इस दौर में जहां टेक्नोलॉजी का व्यापक विकास हो गया है,स्त्रियों की आर्थिक और सामाजिक स्थितियों […]

कविता

वक्त की किताब

वक्त की किताब के, पन्नों को, फिर से बांचना चाहता हूँ।  मैं आज फिर से , उन लम्हों में झांकना चाहता हूँ।  इतना मिला…… और कितना छूट गया । मैं उस हिसाब को , फिर से जांचना चाहता हूँ । वक्त की किताब के , उन पन्नों को , फिर से बांचना चाहता हूँ। खुशियों […]

कविता

बाध्यता के बीच

कई-कई जगह पशु-शृंखला भी देखने को मिले, खासकर “बोतु शृंखला” •••• जब गुरु द्रोण नहीं मिले, तब एकलव्य ने खुद के भीतर टैलेंट पैदा करके क्या बुराई की ? क्या खुद की प्रतिभा को बाहर निकालना अपराध है? •••• टैलेंट की यहाँ पहचान कहाँ हो रही है ? सिरफ़…. सुंदर कपड़े, मकान, गुंडई और तमाशा […]

कविता

दिल तो कभी मिला नहीं !

महिलाएँ अपने-अपने ‘वो’ को ‘जान’ कहती हैं, तो ‘वर’ (पति) भी कहती हैं, यानी घुमा -फिराकर उस ‘वो’ को ‘जानवर’ कह ही डालती हैं ! •••• होता है आध्यात्मिक सत्संग और आते हैं उद्घाटन को वैसे ‘नेता’, आध्यात्मिकता से दूर तलक नाता नहीं ! शायद उसने चंदा जो ज्यादा दिए ! •••• टैलेंट की यहाँ […]