इतिहास

भारत की आज़ादी

१५ अगस्त १९४७ को इन्डिया आज़ाद हुआ था। वह एक अधूरी आज़ादी थी। हम मानसिक रूप से गुलामी की अवस्था में ही जी रहे थे। २६ मई, २०१४ को भारत आज़ाद हुआ। हमने मानसिक गुलामी की जंजीरें तोड़ डाली। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में सर्वत्र भारत दिखाई पड़ रहा था। ब्रिटेन […]

हास्य व्यंग्य

ईमानदारों का ध्रुवीकरण कब होगा जी ?

वैसे तो इस लेख के शीर्षक से समझने वाले सब समझ जायेंगे ! इसीलिए इसमे आगे कुछ लिखने की गुंजाइश है भी या नहीं इस सोच में मैं भी था !! लेकिन फिर याद आया की शीर्षक के अंत में लगे “जी” से खुद के साथ साथ  खुद के उठाये मुद्दों और “राज” की “नैतिक” […]

कविता

वो बेटियाँ कहाँ से लाऊँ ?

आश्वासन दे सके वो अल्फाज कहाँ से लाऊँ लिखने से भला क्या होगा उस माँ की दो बेटियाँ कहाँ से लाऊँ कानून के नुमाइन्दे भी इस कद्र वहशी हो गये अब ऐसे में बचा सके नारी की अस्मिता वो पुरुष कहाँ से लाऊँ बंद करिये अब सांत्वना देना जो बीत गया वो बीत ही जाता […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

कब तक लटकती रहेंगी दलित बच्चियां यूँ ही पेड़ों पर?

अभी हरियाणा के भागणा में हुए दलित लड़कियों से सामूहिक बलात्कार की घटना के दोषियों को सजा मिली भी नहीं कि आज उत्तर प्रदेश में एक और दिल दहला देने वाली घटना हुई। दो नाबालिग दलित चचेरी बहनों का सवर्णों द्वारा सामूहिक बलात्कार कर के हत्या कर दी जाती है। हत्या भी ऐसी की अपनी […]

कहानी

अजेय शक्ति

‘छोड़ दो मुझे। तुम हमारे भाई जैसे हो!’ ‘चुप रह मास्टरनी, चुपचाप चल।’ जोर की आवाजें सुनकर बाजार में सभी लोगों का ध्यान उधर चला गया। दो मुस्टंडे लड़कों ने एक युवती के दोनों हाथों को दोनों ओर से कसकर पकड़ा हुआ था और उसे एक तरफ खींच रहे थे। उनका तीसरा साथी गुंडा आगे-आगे […]

ब्लॉग/परिचर्चा विज्ञान

कम्प्यूटरों के लिए संस्कृत सर्वश्रेष्ठ भाषा कैसे?

मेरे एक मित्र ने कई जगह यह पढ़ा है कि संस्कृत को वैज्ञानिकों द्वारा कम्प्यूटरों के लिए सर्वश्रेष्ठ भाषा माना गया है। वे यह जानना चाहते हैं कि इसके कारण क्या हैं। यहाँ मैं अपनी समझ के अनुसार उनकी जिज्ञासा का समाधान करने की कोशिश कर रहा हूँ।संस्कृत को कम्प्यूटरों के लिए सर्वश्रेष्ठ भाषा माना […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

शाँति, सबके लिए

आज इन्सान अपने सबसे कठिन दौर से गुज़र रहा है। विज्ञान की उन्नति ने जहां उसके पास सुविधा के साधनों का ढेर लगा दिया है वहीं उसके सामने एक मुश्किल भूल भुलैया भी बना दी है। आज इन्सान के सामने उसकी मंज़िल की साफ़ तस्वीर नहीं है। जिसके सहारे वह आगे बढ़ सके। ऐसे में […]

ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति

स्मृति ईरानी की शिक्षा पर सवाल और बवाल

कई स्वयंभू बुद्धिजीवी खास तौर पर कांग्रेसी इस बात पर बवाल कर रहे हैं कि स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्री (शिक्षा मंत्री) बनाकर मोदी जी ने गलत किया है, क्योंकि वे केवल इंटरमीडिएट पास हैं. वे लोग यह भूल जाते हैं कि इंदिरा गाँधी, जो तीन-चार बार देश की प्रधान मंत्री रहीं, इंटर भी […]

कविता

अनिच्छा से सृजित

अनिच्छा से सृजित गर्भ में पनपा कोई भ्रूण महज़ एक रक्त का लोथरा रहा होगा जब प्रमाणित कर कुछ पैसों से अजश्र रक्त-श्राव कराकर उसकी बेचैन आँखों में झाँक कर बोला गया होगा सॉरी माँ बहा दी होगी – उस अजन्मे को किसी गंदे नाले में वो मिन्नतों से नहीं था उसके आने की कोई […]

कविता

रिश्ता

हर एक सूरत मुझे अब तो तेरी सुरत सी दिखती है देखता हूँ जिधर भी मैं तेरी मूरत सी दिखती है कभी दिंन के उजालों में रात के अंधेरों में बरसती बारिश की बूंदों में बसंत की बहारों में ना जाने क्या रिश्ता है , तुझसे के अब हर पल मुझको तेरी ज़रूरत सी दिखती […]