Monthly Archives: May 2014

  • कविता – ठहरा प्रवाह

    कविता – ठहरा प्रवाह

    आधुनिक युग में नदियाँ भी आ गयी हैं सीमाओं की चपेट में जरुरतमन्दों ने क्यूँ कर रोक दिया है प्रवाह नदी का प्रकृति के विरुद्ध झेलती अत्याचार ये नदियाँ सूखकर इतिहास के पन्नों पर दर्ज करवाती...


  • शौकीन

    शौकीन

    दर्द में डूबी हुई एक तस्वीर हूँ मैं ! टूटी हुई है हर एक कड़ी वो ज़ंजीर हूँ मैं ! आशाओं की डाल से टूटा एक पत्ता तेरे प्यार के दर्द का शौकीन हूँ मैं !...

  • मुलायम सिंह का दर्द

    उ.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री (धरतीपुत्र, नेताजी) मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी की इन चुनावों में बड़ी दुर्दशा हुई है. भले ही वे स्वयं दोनों स्थानों (मैनपुरी और आजमगढ़) से जीत गए, लेकिन शेष में से...

  • ‘बहन जी’ की बौखलाहट

    लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से बसपा की मालकिन मायावती की बौखलाहट देखने लायक है. हमेशा जातिवाद की राजनीति करने की अभ्यस्त ‘बहन जी’ इस बार अपनी ही चाल से बुरी तरह पिटी हैं. वे...