अब अराजक तत्वों के निशाने पर आया मुरादाबाद

मुजफ्फरनगर के बाद अब अराजक तत्वों की कोशिश मुरादाबाद के हालात बिगाड़ने के हैं। सोशल साइट्स के जरिए मुरादाबाद के कांठ के धर्मस्थल पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विडियो वायरल किए जा रहे हैं।

पुलिस तनाव को फैलने से रोकने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। चार जुलाई को बीजेपी के महापंचायत के एलान और रमजान शुरू होने व कांवड़ यात्रा के नजदीक आने के चलते पुलिस अधिकारियों की पेशानी पर बल हैं। हालांकि महापंचायत न हो पाए पुलिस इसके लिए पूरी तरह से प्रयासरत है।

रविवार को डीएम और एसएसपी समेत सभी पुलिस और प्रशासनिक अफसर जगह-जगह घूमकर, चेकिंग करके बीजेपी नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखे रहे। कांठ के बवाल की आंच मुरादाबाद शहर में भी दिखी। सभी बीजेपी नेताओं के घरों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।

बवाल की जांच के लिए मुरादाबाद पहुंची बीजेपी की टीम को पुलिस ने सर्किट हाउस में नजरबंद रखा। शामली के विधायक सुरेश राणा मुरादाबाद नहीं पहुंचे। जाचं की चार सदस्यीय टीम में वह भी शामिल थे। लेकिन मेरठ वेस्ट के विधायक रविंद्र भड़ाना, लोकेंद्र सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह पहुंच गए थे। पुलिस ने बीजेपी के महानगर अध्यक्ष रीतेश गुप्ता को घर पर ही नजरबंद रखा।

शहर के बाहर भी कई स्थानों से बीजेपी नेताओं के आने की खबर पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी नजर लगाए रहे। जोया पुलिस चौकी पर डीएम व एसएसपी काफी देर तक वाहनों की चेकिंग करते रहे। विधायक संग सर्किट हाउस में चाय पीने वाले दो लोगों को पुलिस ने रोककर पूछताछ की। जब उन लोगों ने बताया कि वे नैनीताल जा रहे हैं तब पुलिस ने उन्हें छोड़ा।

उधर कांठ में दिन भर बाजार बंद रहा। फोर्स इलाके में गश्त करती रही। अकबरपुर चैदरी गांव पहुंचे बीएसपी नेताओं को गांव के बाहर ही रोक दिया गया। हालांकि इस दौरान पुलिस ने एक बार फिर नासमझी की और धर्मस्थल के पुजारी के साथ अभद्रता कर दी। इस पर हंगामा हो गया। बाद में अफसरों ने समझा बुझाकर मामला शांत किया।

आईडी कानून एंव व्यवस्था अमरेंद्र कुमार सेंगर ने जानकारी दी, ‘मुरादाबाद में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सोशल साइट्स में हो रही हरकतों पर भी नजर है। खुफिया विभाग को भी खास सतर्क रहने को कहा गया है। कानून व्यवस्था को लेकर किसी को भी किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।’