इसरो की नई उड़ान, 5 विदेशी सैटलाइट लॉन्च किए

कमर्शल लॉन्चिंग की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) अपने अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से सोमवार को 4 देशों के 5 विदेशी सैटलाइट प्रक्षेपित करने में सफल रहा। अंतरिक्ष केंद्र में मौजूद वैज्ञानिकों ने एक-दूसरे को बधाई दी। एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद इसरो के पहले अंतरिक्ष अभियान को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अंतरिक्ष केंद्र में मौजूद रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भी वैज्ञानिकों को बधाई दी।

सोमवार सुबह 9 बजकर 52 मिनट पर पीएसएलवी सी 23 ने उड़ान भरी और अगले 20 मिनट में चार चरण सफलतापूर्वक पूरे किए। ऑर्बिट में पहुंचने के बाद पीएसएलवी एक-एक कर सैटलाइट स्पेस में छोड़ता गया। इन सैटलाइटों में फ्रांस का अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट स्पॉट-714 किलो वजन का जर्मनी का एआईएसएटी, कनाडा के 15-15 किलो वजन के दो एनएलएस 7.1 (कैन-एक्स4) और एनएलएस 7.2 (कैन-एक्स5) और सिंगापुर का 7 किलो वजन का वेलॉक्स-1 शामिल हैं।

अभियान की योजना के अनुसार, पीएसएलवी सी 23 रॉकेट अपनी उड़ान के बाद सबसे अधिक वजन वाले उपग्रह स्पॉट-7 को सबसे पहले अंतरिक्ष की केंद्र में स्थापित करेगा। इसके बाद एआईएसएटी, एनएलएस7.1, एनएलएश7.2 और वीईएलओएक्स-1 को कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

भारत ने 1999 से लेकर अब तक पीएसएलवी के जरिए 35 विदेशी सैटलाइट अंतरिक्ष के केंद्र में स्थापित किए हैं। नए अभियान के बाद इसकी संख्या 40 हो गई है।