Monthly Archives: June 2014

  • कबीर के साथ एक सुबह!!

    कबीर के साथ एक सुबह!!

      हमारे पुराण कहते हैं कि काशी गये बिना मुक्ति नहीं मिलती। किसे पता कि मरने के बाद बेटा अस्थियाँ गंगा में प्रवाहित करता है या समय और धन के अभाव में बगल में बहनेवाली नाग...

  • राष्ट्रीय मौसम

    राष्ट्रीय मौसम

    कई बार मैं बड़ी दुविधा में पड़ जाता हूँ कि पढ़ाते समय बच्चों को अपने देश में मौसमों की कितनी संख्या बताऊँ? बचपन से अब एक सामान्य भारतीय की तरह मेरा ज्ञान कहता है कि इस...


  • यौन शिक्षा कलंक है

    यौन शिक्षा कलंक है

    यौन शिक्षा पर इधर कई दिनों से टी बी चैनलों पर बहस चल रही है जिसमें कई संभ्रांत महिलाएं भी यौन शिक्षा के पक्ष में अपने तर्क देते हुए देखी जाती हैं। प्रश्न यह उठता  है...


  • कविता 2

    कविता 2

    कविता केवल शब्दों का कुञ्ज नहीं है क्रांति का पुंज है भ्रान्ति का अंत है शांति फिर अनंत है कविता केवल शब्दों का कुञ्ज नहीं है!ये प्राणो की भाषा है हर मन की जिज्ञासा है आशा है अभिलाषा है कविता केवल शब्दों का...

  • कविता 1

    कविता 1

    मन का घट भावना का जल शब्द समूह हो उठा जब विकल तब कविता गूंजी बजे कर्तलध्वनि चहुंओर फैली अविरल सूरज की कविता है प्रकाश जल की कविता केवल प्यासवन की कविता है अंधकार बागों की कविता है विहार पुष्पों...

  • निर्वात

    निर्वात

    सुनो !!तुम्हारी अनुपस्थिति को मैंने महसूस किया बिल्कुल इस तरह जैसे मेरा जीवन “निर्वात” हो,.. कभी कहीं पढ़ा था जब अंतरिक्ष (स्पेस) के किसी आयतन में कोई पदार्थ नहीं होता तो कहा जाता है कि वह आयतन “निर्वात”...


  • पुण्यात्मा

    पुण्यात्मा

    उसने पहले दिन ही बता दिया था अपनी सौतेली माँ को कि ये शादी बाप ने ऐय्याशी के लिए की है, उनके बच्चे पूर्णतः बालिग़ हैं और अपना ख्याल रख सकते हैं। धनेसर वाकई सठिया गया...