Monthly Archives: June 2014


  • हंसी, हर मर्ज़ की एक दवा है

     ( पहले देखिए  1-शाँति, सबके लिए   और 2- सेहत, सबके लिए  और 3- अमीरी सबके लिए और 4-अपने जीवन को बदलिए, सिर्फ़ एक दिन में) 1. आपका ऑक्सीजन लेवल बढ़ेगा। 2. आपका तनाव घटेगा। 3. आपको शान्ति मिलेगी। 4. आपका इम्यून...

  • गज़ल (बचपन यार अच्छा था)

    गज़ल (बचपन यार अच्छा था)

    गज़ल (बचपन यार अच्छा था) जब हाथों हाथ लेते थे अपने भी पराये भी बचपन यार अच्छा था हँसता मुस्कराता था बारीकी जमाने की, समझने में उम्र गुज़री भोले भाले चेहरे में सयानापन समाता था मिलते...


  • नयी कहानी!!

    नयी कहानी!!

    संघर्षो की नयी कहानी नयी जवानी लिखती है! नए गीत की नयी मालाएं नए शब्दों में दिखती है प्रेरणा पुंज नित नूतन नवोत्साह जगाता है, नयी सुबह का नया सूर्य नवनीत गीत सब गाता है! विकल...


  • इश्क और अधृत!!!

    इश्क और अधृत!!!

    किसी और के चुम्बन ने तुम्हे जानां मैं जानता हूँ रुलाया तो बहुत होगा रो रो कर अपने होंठो से उसके होंठो के निशाँ को तुमने मिटाया तो बहुत होगा आइना जब भी देखती होगी तुम...


  • असमंजस

    असमंजस

    पिता ने अपनी पूरी जिंदगी छोटी दुकान पर गुजारी और वह नहीं चाहते थे कि उनका पुत्र भी इसी तरह अपनी जिंदगी बर्बाद करे। उन्होंने अपने पुत्र को खूब पढ़ाया। पुंत्र कहता था कि ‘पापा, मुझे...

  • भूला भटका सा

    भूला भटका सा

    ========== आज दिल कर रहा है कुछ याद करूं अपना ही भूले-भटके हुये गुनाहों को खुद से ही फ़रियाद करू जो गुनाह किये आखिर क्यों किये जो फल भुगता वह किस गुनाह का था कुछ चिंतन...