Monthly Archives: July 2014



  • हर कदम पर बंदिशें

    हर कदम पर बंदिशें

    जाड़ों का समय है सूरज के किरणों ने समुद्र की कोख में जाने का मन बना लिया है. धीरे धीरे वह अगले दिन फिर से आने का संकेत करती हुई चमक (रोशनी) निरंतर कम होती हुई,...

  • मर हम गए

    मर हम गए

    जब दर्द हद से बढ़ गया, तब मर हम गए. मरहम कहीं जब न मिला, तब मर हम गए. भोर शब होने लगी बसमें नहीं कुछ भी. जब हर कोई गुम हो चला, तब मर हम...




  • ग़ज़ल : प्यार की आस

    ग़ज़ल : प्यार की आस

    बदले मौसम की तरह चल दिया वो किसी और की तलाश में करता था दावा खुश्बू की तरह बसने की जो हर एक सांस मे पहले कभी काली स्याह रात कटती थी बात बात में अब...


  • कहानी : दोस्ती

    रुकसाना और हेमा दोनों बहुत अच्छी दोस्त थी | दोनों की उम्र ही क्या थी, रुकसाना,दस साल की ,हेमा आठ साल की,पर दोनों मे गहरी दोस्ती थी | पिछले दो साल से, रुखसाना हेमा को ‘ईद,...