तुमहु बी0 ए0 पास किहेव

तुमहूं बीए पास किहेउ, हम हॅू, एम ए पास किहेन।
डिग्री लियय के चक्कर मा, कउने काम के नही रहेन।।

पढाई करै के पीछे तमाम रूपया, और दिन गवाएं दिहेन –
बप्पा कहिन तो जाय कै कागज, पर झिल्ली चढाय दिहेन।।

पढाई से अच्छा कट्टा रहै, सौ पच्चास दिनरात कमाईत
गाड़ी की कजरी पोंछित तौ, मिस्त्री अब तक बन जाईत।।

भैंसिन ढीक रहै आपन, अब तक दूध बढाय दियत-
पढाई लिखई कै कदर नही, आपन किस्मत फोरि लिहेन।।

हवा भरित गुब्बारा बंेचित, म्याला म्याला घूंमित तौ।
र्याखा देखित भविष्य बताईत, हाथ सबका चूमित तौ।।

इंण्डिया गेट पर मोफली बेंचित, आपन नाम बढाई तौ।
होटल पर केतली मांजित, जेम्सवाट बन जाईत तौ।।

बडे बडे अरमान लिहे, बीए एम ए पास किहेन –
अब छोटेव काम नही मिलत, बेगारी मा ढूंढि रहेन ।।

कुर्ता अउर पाईजामा झाडित, अब तक नेता बन जाईत।
पढे लिखे अधिकारीन का, अब तक अंगुढा देखाईत।।

जीपन मां जौ पहले लटकित, अब तक गाडी चलाय लेयित।
अब तक इंटा गरा करत, हमहूं विल्डिंग बनाय लेयित।।
तुमहूं बीए पास किहेउ, हम हॅू, एम ए पास किहेन।
डिग्री लियय के चक्कर मा, कउने काम के नही रहेन।।़

राजकुमार तिवारी (राजबाराबंकवी)

परिचय - राज कुमार तिवारी (राज)

संवाददाता बाराबंकी उत्तर प्रदेश मो० 9984172782 इनका जन्म बाराबंकी जिले के जयचन्द्रपुर गांव के एक किसान के घर 1988 में हुआ था। इन्होने शिक्षा शास्त्र से परास्नाक की उपाधि प्राप्त की। इनको बचपन से ही लिखने का बड़ा ही शौख था, 15 वर्ष की आयु से ही इन्होने लिखना शुरू कर दिया था। 1998 से 2014 तक दूर दर्शन केन्द्र की मासिक पत्रिका से व लखनऊ से प्रकाशित होनेे वाली अन्य प्रत्रिका व समाचार पत्रों में भी स्थान प्राप्त किया। इनका कलम चलाने का सिलसिला अभी जारी है।