श्रमिक विरोधी निर्णयों का पुरजोर विरोध करेगा मजदूर संघ – अनुपम

लखनऊ, 29 जुलाई। अखिल भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संगठन मंत्री अनुपम ने कहा कि श्रमिक हितों के लिए सरकार से संघर्ष करने के लिए बीएमएस पीछे नहीं हटेगा। सरकार मजदूरों के हितों में काम करेगी तो हम भी सरकार को सहयोग करेंगे लेकिन यदि श्रमिक हितों की अनदेखी हुई तो मजदूर संघ चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि हम श्रम कानूनों पर पुनर्विचार तो कर सकते हैं लेकिन उसके वर्तमान स्वरूप को पूर्ण परिवर्तित नहीं कर सकते।

राजस्थान सरकार के निर्णय की घोर आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूर संगठनों को बगैर विश्वास में लिये श्रम कानूनों में परिवर्तन का निर्णय लिया है जिससे मजदूरों का अहित होगा। आज राजस्थान सरकार ने यह निर्णय लागू किया है आगे चलकर अन्य राज्य भी इसको लागू कर सकते हैं। इसलिए 30-31 जुलाई को उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर मजदूर संघ धरना देगा।

उत्तर प्रदेश सरकार परिवहन, विद्युत एवं जलापूर्ति का कार्य निजी हाथों में सौंपने का मन बना रही है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार राजीव रंजन कमेटी की सिफारिशों का लागू कराना चाहती है। मजदूर संघ उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम का घोर विरोध करेगी।
अनुपम ने यूपी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूर हितों की अनदेखी हुई तो मजदूर संघ चुप नहीं बैठेगा।

केन्द्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल नियोजक एवं पूंजी निवेशक के फायदे के लिए श्रम कानूनों में परिवर्तन के कदम एवं मनरेगा कानून को योजना बनाने का प्रयास स्पष्ट मजदूर विरोधी प्रयास है।

उन्होंने कहा कि अच्छे दिन आने वाले हैं का स्वप्न दिखाकर केन्द्र की भाजपा सरकार कार्यरत है। इस सरकार से मजदूरों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं लेकिन देखना है कि यह सरकार मजदूर हितों के प्रति कितना सचेत है।