Monthly Archives: July 2014


  • देह भर शोर…

    देह भर शोर…

    पहला पड़ाव है मन जहां आकर ठहरती है कुछ पल को कामनाएं, प्रार्थनाएं—। मन उगाता है पेड़ कि जिसकी छाया उसके कद से बड़ी है फूलों के साथ खिलती हैं प्रार्थनाएं पत्तियों के साथ झरती हैं...

  • तांका { 5 / 7 / 5 / 7 / 7 }

    तांका { 5 / 7 / 5 / 7 / 7 }

    1 भेंट है मिला बड़े संघर्षों बाद स्वतंत्र देश प्रजातांत्रिक वेश विश्व अग्रणी केश 2 गुणन योग्य है मधुमय तोष देव की आस माँ के गोद में खेलें हिन्द देश में होती 3 देव का भेंट...

  • रमज़ान मुबारक हो

    रोज़े को उसकी भावना के साथ बुरे कामों से बचते हुए और नेकियों में तरक़्क़ी करते हुए रखें ताकि रोज़ेदार का कैरेक्टर पहले से ज़्यादा बुलंद हो जाये. आप अपना कैरेक्टर बुलंद करके अपनी तक़दीर को...