राजनीति

मोदी सरकार के सौ दिनोें से बंधी नयी उम्मीदें

16 मई 2014 को पूर्ण बहुमत के साथ चुनी गयी भाजपा के नेतृत्व में राजग गठबंधन की सरकार अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में अपने प्रथम सौ दिन पूरे करने जा रही है। देश के विगत 30 वर्षों के राजनैतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि केंद्र में एक ऐसी सरकार […]

कविता

औरत का सफर

सोचती हूं कभी-कभी क्या यही है औरत का सफर , कभी बेटी, कभी बहन, कभी पत्नी, कभी माँ बनकर देती रहे परीक्षा जिंदगी की हर राह, हर मोड़  पर बेटी बन बाप के साए चले, बहन बन भाई की आँखों से डरे सोचती जब बीवी बनूंगी तब आजादी पाऊंगी अपने फैसले ,अपनी दुनिया , अपनी राह […]

उपन्यास अंश

उपन्यास : शान्तिदूत (पेंतीसवीं कड़ी)

कृष्ण के आने से पहले ही राजसभा में सभी लोग उपस्थित हो गये थे और अपने-अपने स्थान पर बैठे थे। कृष्ण के लिए एक आसन प्रमुख स्थान पर रिक्त रखा गया था। जैसे ही कृष्ण राजसभा में आते हुए दिखायी दिये वैसे ही वहां उपस्थित सभी लोग उनके सम्मान में खड़े हो गये। केवल महाराज […]

उपन्यास अंश

लघु उपन्यास : करवट (तीसरी क़िस्त)

अगली सुबह रमुआ को लेकर धनुवा दीवानपुर प्राइमरी पाठशाला पर पहँुचा तो प्रधानाचार्य तिवारी जी से सीधे बात हुई। तिवारी जी ने धनुवा के साथ चपरासी को कक्षा तक छोड़ने के लिए भेजा और धनुवा को वापस घर जाने के लिए कहते हुए अपने कक्ष में चले गये। धनुवा बेटे को लेकर कक्षा तक पहँुचा तो वहां पर गुरु […]

लघुकथा

लगाव (लघु कहानी)

“बुढऊ देख रहें हो न हमारे हँसते-खेलते घर की हालत!” कभी यही आशियाना गुलजार हुआ करता था! आज देखो खंडहर में तब्दील हो गया|” “हा बुढिया चारो लड़कों ने तो अपने-अपने आशियाने बगल में ही बना लिए है! वह क्यों भला यहाँ की देखभाल करते|” “रहते तो देखभाल करते न” चारो तो लड़लड़ा अलग-अलग हो […]

कहानी

आॅटिज्म

खूब गोल मटोल बच्चा काले घुंघराले बाल चेहरे पर इधर उधर छितराई हुई सी लटें। बड़ी बड़ी आॅंखों में मोटा काजल और माथे पर काला टीका। एक सुन्दर सा बच्चा मेरे सामने है। जी चाहता है अपने सीने से लगा कर उसे चूम लूं और उससे ढेर सारी बातें करुं। कितना सुखद होगा सुनना उसका […]

लघुकथा

नई राह

जब भी रीना ने अपनी माली हालत सुधारने के लिए घर से बाहर जाकर कुछ करना चाहा, सास हीरा देवी उसका रास्ता रोक लेती । अब रीना करे तो क्या करे! दो बच्चो और सास को खिलाना था । पति दुर्घटना में असमय ही काल कवलित हो गये। आखिर रीना ने रास्ता निकाल ही लिया। […]

कविता

गीत

हृदय की तरंगो ने गीत गया है खुशियों का पैगाम लिए मनमीत आया है जीवन में बह रही ठंडी हवा सपनो को पंख मिले महकी दुआ मन में उमंगो का शोर छाया है भोर की सरगम ने  ,मधुर नवगीत गाया  है। भूल गए पल भर में दुख की निशा पलकों को मिल गयी नयी दिशा […]

इतिहास

भारत या हिन्दुस्तान

अपने राष्ट्रपति काल में श्री राधा कृष्णन ने एक बार कहा था “ Here in India, unfortunately, change of religion means change of race and nationality” . – यहाँ भारत में दुर्भाग्य से धर्म परिवर्तन का अर्थ, जातीयता और राष्ट्रीयता का परिवर्तन है”. उनका ये वाक्य बहुत ही दूरदर्शी था जिसको आज हम प्रत्यक्ष रूप […]

कविता

विनायक वंदना

गणेश चतुर्थी की शुभ कामनाये आप सबको कर जोड़े विनती करूँ नत मस्तक करूं वंदन धूप दीप नैवेध और करूँ आरती वंदन हे गननायक गजाननाय गौरी के प्रिय तनय कृपा करो कृपा निधान पिता शंकर नंदन शान्ति पुरोहित