एक मुस्लिम का शरियत के लिए राष्ट्रद्रोह :पटना

नाजिया खातून बिहार में बेगूसराय जिले के एक सरकारी स्कूल में टीचर हैं। नाजिया स्वतंत्रता दिवस के फंक्शन में शरीक हुई थीं लेकिन पति उमर खान को यह बिल्कुल रास नहीं आया। उमर ने कहा कि यह शरिअत के खिलाफ है और उसने अपनी पत्नी नाजिया को घर बेदखल होने पर मजबूर कर दिया। पुलिस के मुताबिक उमर खान अपनी पत्नी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में जाने से खफा था। उसके मुताबिक ऐसा करना शरिअत का उल्लंघन है। उमर खान और नाजिया के दो बेटे हैं। उमर पड़ोसी राज्य झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ऑफिसर है। 

नाजिया ने शुक्रवार को बेगूसराय के एसपी से संपर्क कर इस मामले में इंसाफ की मांग की है। नाजिया ने कहा, ‘मेरे पति स्कूल टीचर की जॉब छोड़ने के लिए दबाव बना रहे हैं। वह धमकी दे रहे हैं कि जॉब छोड़ो नहीं तो मैं तुम्हें छोड़ दूंगा। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में शरीक होने पर घर छोड़ने को मजबूर कर दिया।’ पुलिस ने बताया कि 2003 में उमर से नाजिया की शादी हुई थी। नाजिया ने कहा कि उमर और दहेज के लिए रोज प्रताड़ित करता है। 

बेगूसराय के एसपी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। मनोज ने बताया, ‘हमलोग की कोशिश है कि मामले को सुलझा लिया जाए। यदि उमर अपनी जिद पर कायम रहता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। इस मामले में मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि उमर मुस्लिम पर्सनल लॉ और शरिअत लॉ का दुरुपयोग अपनी पत्नी को घर से जबरन निकालने में कर रहा है। राष्ट्र धव्ज फहराना और स्वतंत्रता दिवस समारोह में शरीक होना कहीं से भी शरिअत के खिलाफ नहीं है। मुफ्ती मोहम्मद खालिद कासमी ने कहा कि यह पत्नी को छोड़ने का सिर्फ एक बहाना है क्योंकि वास्तविक कारण कुछ और है।