कविता

झरोखा

  तुमने समझा हवा का वो एक तेज झोका था तुम्हारे बालो को छूने का वो एक मौका था कमरे मे सन्नाटा सा पसर गया था तुमने न जाने तब क्या क्या सोचा था खिड़कियो की आँखे खुली थी परदा सहमा सहमा था फड़फड़ाते पन्नो की पीठ पर मैने कुछ लिख छोड़ा था आईने के […]

कविता

मुलायम रेत

  चाँद डूबने के बाद सूरज उगने से पहले भोर की पहली आत्मीय किरण से स्वागत में तू कुछ कह ले सूरज डूबने के बाद चाँद उगने से पहले सांझ की आखरी लौटती किरण की बिदाई का दर्द तू सह ले आँसुओ से भरी लगती है नदी अभी लहरों संग चाहे जितना तू बह ले […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

श्रेष्ठ मानव जीवन का आधार : वैदिक संस्कार

संस्कार की चर्चा तो सभी करते व सुनते हैं परन्तु संस्कार का शब्दार्थ व भावार्थ क्या है? संस्कार किसी अपूर्ण, संस्काररहित या संस्कारहीन वस्तु या मनुष्य को संस्कारित कर उसका इच्छित लाभ लेने के लिए गुणवर्धन या अधिकतम मूल्यवर्धन value addition करना है। यह गुणवर्धन व मूल्यवर्धन भौतिक वस्तुओं का किया जाये तो वैल्यू एडीसन […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

तुलसी और शालिग्राम विवाह पर्व- एक अनैतिक पर्व

भारतीय महिलाओ द्वारा मनाया जाने वाले अनेक पर्वो में से एक पर्व है तुलसी और शालिग्राम विवाह, जो कार्तिक शुक्ल की एकादशी को महिलाओ द्वारा बड़ी श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है । कहा जाता है की तुलसी – शालिग्राम विवाह सभी प्रकार के सुख और सौभाग्य देने वाला होता है। इस दिन तुलसी के पौधे को […]

लघुकथा

भरोसा

एक पुराने खंडहर में एक कबूतर और एक कबूतरी रहते थे , दोनों में बङा प्यार ,बङी समझदारी ? वाकी जोङे जो थे उन्हे बङा जलन होती देख के ! दोनों के बीच समझौता था …..कि कबूतर घर और बच्चों की देखभाल करेगा और कबूतरी जो है दाना पानी भोजन आदि की व्यवस्था करेगी ,येसे […]

राजनीति

सरदार पटेल का 3000 करोड़ का स्मारक

आज सरकार द्वारा सरदार पटेल जी की स्मृति में एकता दिवस का आयोजन किया जा रहा हैं। इस उपलक्ष में प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी जी ने सरदार पटेल की नर्मदा तट पर विशाल लोह प्रतिमा बनाने का संकल्प लिया हैं जिस पर 3000 करोड़ रुपये के करीब खर्च होने का अनुमान हैं। वैसे मोदी जी की […]

कविता

शीत आगमन *ताँका

चटके रिश्ते सर्द हवा मिलते छल – धुंध से दिल की आग बुझी बर्फ जमती जाती। = लूक सहमे शीत का धौंस जमे सेवंती हँसे मादव रवि डरे हिम को रास्ता दे दे।

सामाजिक

अंगरेजी : मुसीबत अकेली नहीं आती

जल्दी जागने के विषय में कुछ शास्त्रोक्त निर्देश पढेंगे तो जान सकेंगे कि प्रकृति और मानव के अन्तर्सम्बन्धों पर हमारे ऋषि- मुनियों ने कितने अनूठे और समयसाध्य अनुसंधान किए होंगे I आयुर्वेद में कहा गया है कि स्वास्थ्य की रक्षा के लिए मनुष्य ब्रह्ममुहूर्त में जागे, ब्राह्मे मुहूर्ते उतिष्ठेत स्वस्थो रक्षार्थमायुष I आयुर्वेद के अष्टांग […]

कविता

चितचोर

  अंतरिक्ष के हाथो से छूट गयी है आकाश में डोर कटी पतंग सा उड़ रहा हूँ मैं न जाने किस छोर अपनी अंजुरी में भर लेता हूँ चाँद सितारों को मिटा देती है उसे लहरो की एक तेज हिलोर रोशनी हो तो हम उभर आते हैं शून्य में यूँ तो तम है हर ओर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

बालक मूलशंकर द्वारा शिवरात्रि पर चूहे की घटना के विरोध का परिणाम क्या हुआ?

महर्षि दयानन्द सरस्वती के आत्म कथन में हम पढ़ते हैं कि उन्होंने 14 वर्ष की अवस्था में पिता के कहने से शिवरात्रि का व्रत रखा था। रात्रि में शिव मन्दिर में सभी व्रती जागरण कर रहे थे परन्तु देर रात्रि बालक मूलशंकर के अतिरिक्त सभी को नींद आ गई। बालक मूलशंकर इसलिए जाग रहे थे […]