कविता

तुमसे …क्या कहा था उसने …

तपती दोपहरी में .. जड़े सोचती होंगी टहनी के शीर्ष पर किसी भी हालत में मुझे कल सुबह खिलाना हैं गुलाब बिना चिंतन किये कैसे बहती होगी … नदिया की धार अपने मौलिक ..विचारों को जिस तरह छिपाए रखता है आखिर तक इंसान उसी तरह जमीन से पर्वत की चोटी तक बनी हुई सीढियों के […]

कविता

पानी में भी प्यास है

आधी रात हो गयी …है … मै सो नही पा रहा हूँ भागते हुए ट्रेन की – एक बोगी की एक सीट की – खुली हुई खिड़की से -अँधेरे में घुली हुई चन्द्रमा की रोशनी मुझे निहार रही है सारे वृक्ष लगते हैं मुझे छोड़ कर लौट रहें है ठंडी हवा के झोके … कभी […]

कविता

***** वक्त बदल गया है *****

***** वक्त बदल गया है ***** लोग कह्ते हैं वक्त बदल गया है, पर मुझे तो लगता है इंसान , बदल गया है! वक्त तो हमेशा से , अपनी गति से चल रहा है! पर ऊँचा उठने की चाह में, इंसान और गिर रहा है! हर तरफ़ बिखरा हुआ है, स्वार्थ और लालच यहाँ! रिश्तों […]

राजनीति

कभी न ख़त्म होने वाली देश में छुआ छूत की भावना

एक तरफ देश आधुनिकता और तरक्की की उचाइयां छुने को बेताब है, समानता की बाते की जाती है, शिक्षित होने का दंभ भरा जाता है परन्तु दूसरी तरफ देशवासियों की मानसिकता अब भी सड़ी-गली है । जो छुआ-छूत ,जातिवाद की मानसिकता से भयंकर ग्रसित है । अंग्रेजी अख़बार इन्डियन एक्सप्रेस ने अपने संस्करण में छापा […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

गीता मेरा हृदय है —–श्री कृष्ण

गीता मे हृदयं पार्थ गीता मे सारमुत्तमम्। गीता में ज्ञानमत्युग्रं गीता मे ज्ञानमव्ययम्। । गीता की महत्ता के विषय में भगवान श्रीकृष्ण स्वयं कहते हैं कि गीता मेरा हृदय है, गीता मेरा उत्तम सार है, गीता मेरा अति उग्र ज्ञान है, गीता मेरा अविनाशी है, गीता मेरा श्रेष्ठ निवास स्थान है, गीता मेरा परम पद […]

इतिहास

“आर्य” हिन्दू राजाओं का चारित्रिक आदर्श

भारत देश की महान वैदिक सभ्यता में नारी को पूजनीय होने के साथ साथ “माता” के पवित्र उद्बोधन से संबोधित किया गया है। मुस्लिम काल में भी आर्य हिन्दू राजाओं द्वारा प्रत्येक नारी को उसी प्रकार से सम्मान दिया जाता था जैसे कोई भी व्यक्ति अपनी माँ का सम्मान करता है। यह गौरव और मर्यादा उस कोटि […]

सामाजिक

महर्षि दयानन्द सरस्वती, स्वामी श्रद्धानन्द और गुरूकुल प्रणाली

महर्षि दयानन्द सरस्वती (1825-1883) आर्य समाज के संस्थापक हैं। आर्य समाज की स्थापना 10 अप्रैल, 1875 को मुम्बई के काकडवाड़ी स्थान पर हुई थी। इसी स्थान पर संसार का सबसे पुराना आर्य समाज आज भी स्थित है। आर्य समाज की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य वेदों का प्रचार व प्रसार था तथा साथ ही वेद पर […]

कविता

सरकारी स्कूल के बच्चे

फटी जेबोँ मेँ संभाल कर रखी कुछ रेजगारियोँ की खनक आश्वस्त करता है इन्हेँ अपनी छोटी छोटी ख्वाहिशेँ पूरी होने की!!! चंद सिक्कोँ मेँ ही ये खरीद लेना चाहते हैँ अपने सारे सपने . . . छलांगे लगाते इनका बचपन हिलोरे मारता हुआ तेजी से बढ़ता है आभावोँ को पैबंद मेँ छिपाते हुए बहुत जल्दी […]

राजनीति

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति से भारत का बजा दुनिया में डंका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार के बने अब छह माह हो चुके हैं। मोदी सरकार के कार्यकाल में यदि कोई विभाग अच्छा काम करता दिखलाई पड़ रहा है तो वह है विदेश विभाग और उनकी नीतियां। आज भूटान से लेकर ब्राजील, नेपाल, फिर जापान की द्विपक्षीय यात्रा, अमेरिका में संयुक्तराष्ट्र महासभा की […]

सामाजिक

संस्कृत भाषा की महत्ता

आज संस्कृत एवं जर्मन भाषा को लेकर चर्चा जोरो पर हैं। तीसरी भाषा के रूप में केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन के स्थान पर संस्कृत भाषा को लागु करने के सरकार के फैसले का कुछ लोग जोर शोर से विरोध कर रहे हैं। उनका कहना हैं की जर्मन जैसी विदेशी भाषा को सीखने से रोजगार के […]