कविता

आया नव-वर्ष

फिर आया नव-वर्ष, ले परम उत्कर्ष चंहु ओर होंगी खुशियाँ-बधाईयाँ नव-वर्ष जो आया है फिर हर वर्ष की भाँति भूल जायेंगे सब वो चीत्कार …सिसकती नारियों की गौण हो जायेंगे फिर से बलात्कार, दुराचार, तेजाबी हमले फिर ये तथाकथित सभ्य लग जायेंगे दैनिक कार्यों में फिर नेता लड़ायेंगे जात-धर्म के नाम पर फिर सरहद पर […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

कमलजी की “पी के ” पर सवाल !

कमल जी कुछ सवाल … टीम पि के में आमिर खान के अलावा और कौन कौन मुसलमान है ? और जो मुसलमान नहीं है क्या वो सेकुलर हैं ?? क्या सत्तारूढ़ बी जे पी हिन्दू संघठन नहीं है ? अगर है तो उसने आधिकारिक तौर पर कहाँ विरोध किया ?? क्या शराब की तरह लोग […]

इतिहास

प्रेरक यशस्वी सामाजिक जीवन: श्री भोपाल सिंह आर्य

आर्यत्व के गुणों के धनी और ऋषि दयानन्द में अगाध श्रद्धा व निष्ठा रखने वाले श्री भोपाल सिंह आर्य का जीवन उनकी प्ररेणादायक समाज सेवा के कारण धन्य है। श्री आर्य करनाल हरियाणा में निवास करते हैं और यहां की आर्य समाजों की सामाजिक गतिविधियों के प्रमुख स्तम्भ हैं। आपका  जन्म देहरादून के एक स्थान […]

कविता

यात्रा के तीर्थ तक

बंद मुट्ठी के भीतर ..मन को  पेपर वेट कीतरह ..दबा रहा हूँ  अपनी सघनता और अपने वजन का   जैसे अनुमान लगा  रहा हूँ    फाइलों में छिपी आँखों को ..खिड़की के उस पार .. खिले फूलो तक ..पहुँचाना  चाह रहा हूँ …- कुर्सी का कवर बन चुकी देह को .. अब नई कमीज की तरह सिलवा  रहा हूँ .. शायद मै पेपर […]

कविता

नव वर्ष (२०१५ )

नव वर्ष (२०१५ ) की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। मंगलमय हो आपको नव वर्ष का त्यौहार जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार इश्वर की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार.. मुझको जो भी मिलना हो , वह तुमको ही मिले दौलत तमन्ना मेरे दिल […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म ब्लॉग/परिचर्चा

आर्यसमाज और धर्मान्तरण

आज विभिन्न सम्प्रदायों में ईश्वर प्राप्ति हेतु जो विभिन्न पूजा पद्धतियां हैं उन्हीं को ही हम धर्म समझ लेते हैं या ऐसा कहें कि धर्म ही सम्प्रदाय के लिए प्रयोग में आने के कारण सम्प्रदायों के लिए भी रूढ़ हो गया है। इस समय अनेक मत-मतान्तर वर्तमान हैं जिनमें पारस्परिक मतभेद अज्ञान व्यक्तिगत लाभ भ्रम […]

उपन्यास अंश

आत्मकथा : मुर्गे की तीसरी टांग (कड़ी 23)

पत्र-मित्रता के माध्यम से मुझे कई घनिष्ट मित्र पाने का सौभाग्य मिला, जिनका जिक्र आगे करूँगा। मेरे व्यक्तित्व के निर्माण में मेरे मित्रों, खासकर पत्र मित्रों का बहुत हाथ रहा है, अतः उन सबके प्रति कृतज्ञता प्रकट करना मेरा कर्तव्य है। मेरे सबसे बड़े और घनिष्ट मित्रों में से एक हैं श्री रमेश चन्द्र राणा। […]

कविता

एकांत में उसी गीत को

हवा गुनगुनाने लगी थी ..एक गीत .. वह पहला गीत आज भी जंगल की खामोशी में   पत्तियों की हथेलियों पर अंकित है  …   एक लहर हँस  रही थी लड़की की तरह . चट्टानों  से लिपट कर  झूम रही थी … उसकी मुस्कुराहट का पीछा करते -करते … सुबह से दौड़ती ..धुप थक गयी थी … […]

कविता

नववर्ष

नववर्ष कुछ ऐसा आए, हर्षोल्लास की वर्षा लाए। उपहारों से झोली भर दे, रंग-रंगीला जीवन कर दे॥ गजानन आशीष देकर, सुख समृद्धि की वर्षा कर दें ।। माँ वीणा विराजे वाणी में, अपनी शक्ति कलम में भर दें ॥ कविता  उससे  निखरे ऎसी, विख्यात विश्व में  हमको कर दे॥ गूंजे स्वर कविता के जग में, […]