सभी लोग

भोर भोर के समय में,
जा रहे थे मोड़ पर
साथ में सभी लोग।
आपस में,
सुख दुख लिये।
कर रहे थे,
कुछ एैसी बातें।
तब तक आया गाड़ी वाला,
कहाँ जाना है जनाब, बोला
तब तक ,
हम लोग बोल पड़े।
जाना है, कुछ दुर ।
जहां मिलेंगे,
सुख दुख के संगम।
जहां मिलेंगे ,
नयी उमंग।
क्या?
तुम ले चलोगे।
तब तक बोल पड़ा,
गाड़ी वाला।
जी हुजुर,
क्यों नहीं।
ले जायेगे वहाँ,
जहां मिलेगी,
आपको सुख चैन
जहां मिलेगी ,
नयी किरन ।
जहां मिलेगी,
जीवन जीने की कला।
यही तो मेरा काम है
ले जाना उस जगह पर,
भोर भोर के समय में ।

~~~~~~~~~~रमेश कुमार सिंह

परिचय - रमेश कुमार सिंह 'रुद्र'

रमेश कुमार सिंह (हिंदी शिक्षक ) विद्यालय --उच्च माध्यमिक विद्यालय ,रामगढ़ ,चेनारी रोहतास जन्म तारीख --०५/०२/१९८५ शिक्षा --एम.ए. (हिन्दी,अर्थशास्त्र),बी.एड. हिंदी पता--कान्हपुर ,पोस्ट-कर्मनाशा ,जिला --कैमूर (बिहार)८२११०५ मोब.९५७२२८९४१०/९४७३००००८०/९९५५९९९०९८ Email - rameshpunam76@gmail.com प्राप्त सम्मान - भारत के विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से अब तक 52 सम्मान प्राप्त।