“गौ माता”

“गौ माता”
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गौ माता को बचाना ।
कर्ज दूध का चुकाना।।
गौमाता का रक्षा करना
बच्चों के जीवन को बचाना।

बार-बार गौ माता कहती।
हम लोग बहुत शान्त रहती।।
मैं किसी से कुछ नहीं चाहती।
मैं किसी से कुछ नहीं मांगती।।

सबको हमेशा लाभ ही देती।
सबको हमेशा दूध से सींचती।।
अमृत जैसा दूध देकर।
लोगों के जीवन को सवांरती।।

आज मैं अपना हाल सुनाती।
हिन्दू -मुस्लिम या हो कोई जाती।।
एक साथ सभी लोग से कहती।
देखो मैं कितना कष्ट में रहती।।

कुछ लोग मुझे चन्द पैसो केलिए।
खरीद-बिक्री करते है अपने लिए।।
चली जाती हूं खरीद -बिकी के लिए।
कुछ लोगों के सन्तुष्टि केलिए।।

वो लोग मुझे रखते हैं भूखा।
कुछ दुर तक घसीटते है सूखा।।
मारते है बेरहमी से इतना।
मेरा काम है उस समय सहना।।

चुप-चाप देखा करती हूँ।
बस यही सोचा करती हूँ।।
छोड़ देगे ये कसाई मुझे अब।
लेकिन हैवानियत की कर देते हैं हद।।

उतार लेते खाल को मेरे।
काट डालते मांस को मेरे।।
मैं चुप-चाप सहती रहती हूँ।
क्यों कि इस जगत की मैं एक माँ हूँ।।
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परिचय - रमेश कुमार सिंह 'रुद्र'

रमेश कुमार सिंह (हिंदी शिक्षक ) विद्यालय --उच्च माध्यमिक विद्यालय ,रामगढ़ ,चेनारी रोहतास जन्म तारीख --०५/०२/१९८५ शिक्षा --एम.ए. (हिन्दी,अर्थशास्त्र),बी.एड. हिंदी पता--कान्हपुर ,पोस्ट-कर्मनाशा ,जिला --कैमूर (बिहार)८२११०५ मोब.९५७२२८९४१०/९४७३००००८०/९९५५९९९०९८