Monthly Archives: January 2015



  • जन्म जन्म का साथ

    जन्म जन्म का साथ

    मन की इच्छा हो तुम मेरे जीवन की अभिलाषा हो , धुंधले से मेरे शब्दों की, तुम स्पष्ट रूप परिभाषा हो, बागों में कलियों ने जो , मदहोश महक बिखराई है, लाजवाब सी वह सुगंध ,...


  • मेरे हाइकु

    मेरे हाइकु

    पीली सरसो लट चमके श्वेत बर्फ से ढकी ^^ रूपसी नारी सताई जाती जग सौंदर्य सजा ^^ बसंत ऋतु कोहरे में लिपटा बर्फ टुकड़ा ^^ जीवन माला सांस मनके चले तन नश्वर ^^ भीतर झाँको बंद...

  • इंतकाम

    इंतकाम

    “सर प्लीज, मेरी जिंदगी का सवाल है, पैसों के लिए मुझे डिसक्वालीफाई मत करिए। मैंने रात-रातभर जाग के मेहनत की है, रिटेन से लेकर ओरल तक में मेरिट अचीव किया है फिर भी………” “देखो अरिजीत, तुमसे...

  • सपना

    सपना

      सपनों  मे मुझे बादल आ घेरते हैं  रेत ..मेरे पांवो मे धंस जाते हैं  नदी …मुझमे डूबती चली जाती है   रास्ते ..मुझ पर से चलने लगते हैं  लेकीन मै चाहता हूँ  हर रात स्वप्न...



  • पागल

    पागल

    पागल़़…!!! यही कहता है जमाना । हटकर लीक से जो हूँ कर नहीं पाता कदम-ताल जमाने संग होता नहीं सहन अन्याय…अत्याचार हो किसी संग भी । बिना डरे अंजाम से जताता हूँ विरोध भ्रष्टाचार के विरुद्ध...