Monthly Archives: January 2015

  • मर रहा है बचपन

    मर रहा है बचपन

    आज फिर पुराना वर्ष गया न्या वर्ष आया है लोगों के मन मस्तिष्क में अद्भित सी उत्सुकता लाया है कुछ खोने का गम कुछ पाने की ललक लाया है पहले से कुछ बेहतर होने की चाहत...





  • ‘नववर्ष का नवगान’

    ‘नववर्ष का नवगान’

    नववर्ष अभिनन्दन ,मंगलकामनाएं इस गीत के माध्यम से ………।                  स्वागत ,अभिनन्दन नववर्ष                       नवहर्ष, नवोत्कर्ष नववर्ष का स्वर्णिम विहान ,नव इतिहास रच जाये खुशियों की सरसों लहलहाए ,बुराइयों का तिमिर ढल जाये                              हर...

  • उपन्यास : देवल देवी (कड़ी ९)

    7. आन्हिलवाड़ में नर संहार 1299 में बीस हजार घुड़सवारों सहित एक विशाल सेना लेकर नुसरत खाँ और उलूग खाँ राजधानी पाटन की सीमा पर आ धमके। आते ही उन्होंने नगर में मार-काट और लूटमार चालू कर दी।...

  • भूख ही सत्य है

    भूख ही सत्य है

    आकाश उड़ रहा है चिडिया के संग . चोच में तिनके की  तरह दबा हुआ  .है . आईने से चुराया हुआ  एक टुकड़ा  प्रतिबिम्ब .. डर है ..छूट  न जाये .. चिड़ियाँ  कही गिर न जाये .. शीशे की तरह वह टूट  न...

  • नव वर्ष आया है

    मस्त मस्त मौसम की नवीनतम बहार लिए, धुंध की चादर में संजोये हुए सपने साथ लिए, बादलो की पालकी में सज़ धज के हो के सवार, लाख लाख तारों की बारात अपने संग संग लिए, नव...