कविता

तुम्हारे बारे में विचार

तुम केंद्र बिंदु  हो 

मैं हूँ हिसार 

मैं एक कोरा  पन्ना  हूँ 

तुम हो पूरी किताब 

तुम नींव हो 

मैं हूँ दीवार 

मैं तीरगी हूँ 

तुम हो चिराग 

तुम मंदिर का स्वर्ण कलश हो 

मैं हूँ जर्जर  मीनार 

मैं रिवाज हूँ 

तुम हो उसके खिलाफ 

तुम पाक रूह हो 

मैं हूँ मलीन लिबास 

मुझमे बाकी है अब तक विकार 

अपने मन पर है तुम्हारा 

सम्पूर्ण अधिकार 

तुम सोच से परे हो 

मैं किया करता हूँ 

फिर भी 

तुम्हारे बारे में विचार 

तुम हिजाब हो 

रहता हैं फिर भी 

मुझे तुम्हारा  इंतिजार 

मैं  किया करता हूँ  

तुम्हारी इबादत 

तुम हो 

खूबसूरत निगार 

मैं कभी कभी 

तुम्हारी परवाह नहीं करता हूँ 

तब भी तुम 

मुझ पर हो निसार 

तुम केंद्र बिंदु  हो 

मैं हूँ हिसार 

किशोर कुमार खोरेन्द्र 

{हिसार =परिधि ,तीरगी =अंधकार ,रिवाज =परंपरा ,हिजाब =संकोच,  निगार =प्रतिमा निसार =न्योछावर ,}

किशोर कुमार खोरेंद्र

परिचय - किशोर कुमार खोरेन्द्र जन्म तारीख -०७-१०-१९५४ शिक्षा - बी ए व्यवसाय - भारतीय स्टेट बैंक से सेवा निवृत एक अधिकारी रूचि- भ्रमण करना ,दोस्त बनाना , काव्य लेखन उपलब्धियाँ - बालार्क नामक कविता संग्रह का सह संपादन और विभिन्न काव्य संकलन की पुस्तकों में कविताओं को शामिल किया गया है add - t-58 sect- 01 extn awanti vihar RAIPUR ,C.G.

One thought on “तुम्हारे बारे में विचार

  • गुरमेल सिंह भमरा लंदन

    अच्छी कविता है.

Comments are closed.