गीत/नवगीत

मुलाकात होली में

होगी उन से फिर मुलाकात होली में
होगी नैनों से नैनों की बात होली में

होंगे बरसों बाद फिर आमने-सामने
जाने संभलेंगे कैसे ज़ज्बात होली में

छुअा था तुमने जो गुलाल के बहाने
बन गये थे प्यार के हालात होली में

आज तक है याद वह छुअन तुम्हारी
हुई थी जो प्रेम की बरसात होली में

तपता रहा जो बरसों विरह तपन में
हो जायेगा शीतल वह गात होली में

होगा मिलन अपना राधा-श्याम ज्यों
अायेगा वो आनंदमय प्रभात होली में

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परिचय - सुधीर मलिक

भाषा अध्यापक, शिक्षा विभाग हरियाणा पिता का नाम :- श्री राजेन्द्र सिंह मलिक माता का नाम :- श्रीमती निर्मला देवी निवास स्थान :- सोनीपत ( हरियाणा ) लेखन विधा - हायकु, मुक्तक, कविता, गीतिका, गज़ल, कहानी समय-समय पर साहित्यिक पत्रिकाओं जैसे - शिक्षा सारथी, समाज कल्याण पत्रिका, युवा सुघोष, आगमन- एक खूबसूरत शुरूआत, ट्रू मीडिया,जय विजय इत्यादि में रचनायें प्रकाशित

8 thoughts on “मुलाकात होली में

  1. “छुअा था तुमने जो गुलाल के बहाने
    बन गये थे प्यार के हालात होली में”
    बहुत खूब !

    1. आदरणीय विजय कुमार सिंघल जी आपकी प्रेरक टिप्पणी के लिये सादर आभार…नमन

    1. आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी सादर आभार…आपकी टिप्पणी मुझे नव सृजन के लिये प्रेरणा देगी ।

    1. आदरणीय किशोर कुमार खोरेन्द्र जी आपकी स्नेहिल उपस्थिति व टिप्पणी मेरे लिये प्रेरणादायक है़…सादर नमन

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