Monthly Archives: February 2015

  • कौन है ईश्वर?

    कौन है ईश्वर?

    मित्रो, आप यह तो भली प्रकार जानते हैं की भारतीय समाज चार वर्णों पर आधारित रहा है। यह घोषणा की गई है की परमात्मा ने अपने मुख,भुजाओ,पेट, और पैरो से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र वर्ण...

  • हास्य गीतिका

    हास्य गीतिका

    कम उमर में बाल आधे झड़ गये। ब्रश किया पर दाँत पीले पड़ गये। उनके घर की ओर जब निकले कदम, ऑटोवाले रास्ते में लड़ गये। और कितना जिंदगी तड़पाएगी, गलियों के कुत्ते भी पीछे पड़...


  • साये सा ….

    साये सा ….

      तुम्हारी रगों में रक्त की तरह प्रवाहित होता रहता हूँ तुम्हारे मष्तिष्क में साये सा उपस्थित रहता हूँ मुझे तुम भूल नहीं पाते रुमाल या किताब या चाबी के बहाने मुझे तलाशते ही रहते हो...

  • पिता चले गए

    पिता चले गए

    पिता चले गए साथ अपने ले गए ज्यों सारी ऋतुएं खुशहाली ,तीज त्यौंहार छोड़ गए साए में अनमने उम्र काटते दिन पूजा घर से अब नहीं उठती धूप,अगरबत्ती की खुशबू न ही गूंजता शंखनाद नहीं उच्चारित...