गीतिका/ग़ज़ल

न तेरे पास जवाब है

 

न तेरे पास जवाब है ,न मेरे पास सवाल है
मेरे पास तेरा ख्वाब है तेरे पास मेरा ख्याल है

एक किनारा तू है और एक किनारा मैं हूँ
नदी सी खामोश दरमियान हमारे हयात है

अंजुम की पहुँच तो बस तेरे हुस्न तक ही है
जो तेरे दिल को छूले मुझमे ऐसी कोई बात है

मैं पागल सा ,और दीवाना सा हो चुका हूँ
तेरे नूर ए रुख से रोशन मेरी तो हर रात है

उस जहाँ इस जहाँ से अलग एक और जहाँ है
जहां पर होती रोज तुमसे मेरी मुलाकात है

किशोर कुमार खोरेन्द्र

अंजुम =नज्म का बहुवचन,हयात=jivan

किशोर कुमार खोरेंद्र

परिचय - किशोर कुमार खोरेन्द्र जन्म तारीख -०७-१०-१९५४ शिक्षा - बी ए व्यवसाय - भारतीय स्टेट बैंक से सेवा निवृत एक अधिकारी रूचि- भ्रमण करना ,दोस्त बनाना , काव्य लेखन उपलब्धियाँ - बालार्क नामक कविता संग्रह का सह संपादन और विभिन्न काव्य संकलन की पुस्तकों में कविताओं को शामिल किया गया है add - t-58 sect- 01 extn awanti vihar RAIPUR ,C.G.

2 thoughts on “न तेरे पास जवाब है

Comments are closed.