गोबर से तलवार !

बचपन से सुनती आई हूँ …. कभी खुद की आँखों से देखी नहीं …… लेकिन बात सही होने का , पूरा विश्वास है …. पहले वर्षा के दिनों में गोबर का ढेर लगाया जाता था या हो सकता है कि वर्षा के दिनों में गोबर के ना तो उपले/गोइंठा बनाया जाता है और सूखे होने के कारण खेतों में खाद के रूप में उपयोग किये जा सकते हों …… उसमें अगर बिजली गिरती थी तो नीचे जाते – जाते ठंढी हो जम जाती थी …. उससे तलवार बनाया जाता था ….. जो बहुत धारदार होता था …..
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शस्त्र तैयार
नभ आतिशबाजी
विद्युत्पात से।

चौमासा फल
मेघजाल सुलभ
मेघाडम्बर।

 

परिचय - विभा रानी श्रीवास्तव

"शिव का शिवत्व विष को धारण करने में है" शिव हूँ या नहीं हूँ लेकिन माँ हूँ