रेल हादसे के घायलों की सेवा में जुटे संघ के स्वयंसेवक

लखनऊ, 30 मार्च । रायबरेली के बछरांवा रेलवे स्टेशन पर 20 मार्च को हुई रेल दुर्घटना के शिकार हुए घायलों की मदद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक आज भी दिनरात जुटे हैं। केजीएमयू के ट्रामा सेन्टर में आज भी रेल हादसे के शिकार 20 लोग भर्ती हैं। इन मरीजों को समय पर भोजन व पानी उपलब्ध कराने के साथ ही स्वयंसेवक उनकी जांच कराने से लेकर हर प्रकार की चिंता कर रहे हैं।

गौरतलब हो कि 20 मार्च को देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस लखनऊ और रायबरेली के बीच स्थित बछरांवा स्टेशन पर दुर्घटना ग्रस्त हो गयी थी। इस हादसे में 32 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी थी और काफी संख्या में लोग घायल हुए थे। घटना की भनक लगते ही रायबरेली के स्वयंसेवकों ने तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत व बचाव कार्य में हाथ बंटाया। घायलों को लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था और गंभीर रूप से घायलों को ट्रामा सेन्टर में भर्ती किया गया था।

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20 मार्च को जिस दिन रेल हादसा हुआ था उस दिन ट्रामा सेन्टर में चित्कार मची थी। उस समय स्वयंसेवक बिना किसी बुलावे के तत्काल ट्रामा सेन्टर पहुँचकर राहत कार्य में हाथ बंटाया। रेल हादसे में गंभीर लोगों की पहचान कर पाना मुश्किल था ऐसे में स्वयंसेवकों ने जिन के घर से कोई नहीं पहुँचा उनका तीमारदार बनकर पूरी सेवा की।

यही नहीं कई गंभीर रूप से घायलों को चढ़ाने के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता थी ऐसे में स्वयंसेवकों ने बीस यूनिट रक्तदान कर गंभीर रूप से घायलों को नई जिंदगी दी। ये स्वयंसेवक ट्रॉमा सेंटर के डिजास्टर, सर्जरी, न्यूरो, ऑर्थोपेडिक और लिंब सेंटर के वार्ड में भर्ती मरीजों की सेवा और देखरेख कर रहे हैं।

लखनऊ के विभाग कार्यवाह प्रशांत भाटिया ने बताया कि अलग-अलग वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को पैकेटबंद खाना और पानी की बोतलें तीनों टाइम वितरित की जा रही हैं। हादसे के दिन जिन घायलों के परिवारीजन ट्रॉमा नहीं पहुंचे थे, उनकी देखरेख के लिए हर बेड पर एक स्वयंसेवक को तैनात किया गया था। वे पूरे समय मरीज की सेवा में खड़े रहे। टीम में पचास से अधिक स्वयंसेवक शामिल हैं जो पांच से छह घंटे की शिफ्ट में मरीजों की सेवा में लगे रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अलावा वंदे मातरम आरोग्य मंच,पतंजलि ,गायत्री परिवार और मालवीय मिशन जैसी संस्थाओं ने भी सहयोग किया। वंदेमातरम आरोग्य मंच के संयोजक राहुल वर्मा ने कहा कि सेवा हमारा धर्म है। नर सेवा नारायण सेवा मानकर हम लोगों ने सेवा की।

केजीएमयू के चिकित्सकों की मेहनत काबिले तारीफ

रेल हादसे के शिकार लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में जिस तरह ट्रामा सेन्टर के चिकित्सकों ने मेहनत की वह काबिले तारीफ है। अचानक हुए हादसे से ट्रामा सेन्टर भीड़ से भर गया था। इस स्थिति में घायलों का इलाज करना किसी चुनौती से कम नहीं था। ट्रामा सेन्टर के प्रभारी डा. एस.एन.शंखवार ने की चिकित्सकीय सेवा के साथ-साथ प्रशासनिक कुशलता देखने को भी मिली है। मौके की नजाकत को समझते हुए उन्होंने तत्काल सर्जरी, आर्थो, न्यूरो और मेडिसिन यूनिट के विशेषज्ञों को तत्‍काल ही सूचना देकर ट्रामा सेंटर बुला लिया था। डाक्टरों ने समय की परवाह किये बगैर रात दिन मेहनत की। ट्रामा सेन्टर के प्रभारी डा.एस.एन.शंखवार ने बताया कि 18 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।