बाल कविता

पद्य कथा – फौजी चाचा की सीख

एक सुबह फौजी चाचा , गए घूमने बागीचा , सुना वहाँ पर ये चर्चा , पड़ा रो रहा एक बच्चा | कदम बढ़ा कर जा पहुंचे , बच्चे को चूमा पोंछा , लेकिन फिर सन्देह हुआ , बच्चे को किसने फेंका | असली जैसा गुड्डा था , जरा ध्यान से जब देखा टेप मे थी […]

कविता पद्य साहित्य

जिन्दगी

जिन्दगी भी एक अनुठा पहेली है कभी खुशी तो कभी याद सहेली है कभी उछलते है सुनहरे बागानों में कभी दु:ख भरी यादें रूलाती है अजब उतार चढ़ाव आते रहते है बचपना खेल-खेल में बित जाते हैं भागमभाग जवानी में आ जाते हैं कई उलझने मन में जगह बनाते हैं मानसिक तनाव बढ़ने लगते हैं […]

कुण्डली/छंद

ताजी खबर : ताजी कुंडलिया

देखो त्रिपुरा से हटा, ‘आफस्पा’ कानून। जनता जिससे त्रस्त थी, लंबा था मजमून। लंबा था मजमून, चला है वर्ष अठारह। शक पर गोली मार, सजा बिन नोटिस लें सह। कह ‘पूतू’ कविराय, तबाही इससे लेखो। सोच समझ सरकार, हटाई इसको देखो॥

कहानी

मुलाकात के बाद

कितनी मुश्किल से मनाया था उसको मिलने को, एक वक़्त था एक दिन भी बिना मिले रह नही पाती थी (बस यही कह देती थी मेरी गली का एक चक्कर लगा जाओ बाइक से) और इस बार मिन्नतें करनी पडी थी, ना जाने कितने वादे लिए उसने, ना जाने कितनी बार समय सीमा की गुहार […]

कविता लेख

रूबरू

रूबरू केंद्रीय आरक्षित सुरक्षा बल सीमा सुरक्षा संघटन बल राज्य पुलिस बल लाखों लोगों की भारतीय सेना जिला कलेक्टर जिला पुलिस अधीक्षक प्रदेश के मुख्य सचिब राज्य की मुख्यमंत्री केंद्रीय गृह सचिब और केंद्रीय गृह मंत्री जोनल रेल मैनेजर रेल मंत्री रेलवे सुरक्षा बल और देश के प्रधान सेवक रेल पटरी की हालत और जनता […]

बाल कहानी

बाल कहानी – बदल गई ईशा

ईशा बड़ी ही नकचढ़ी लड़की थी | उसकी अपनी किसी भी सहेली से ज्यादा दिन तक पटरी नहीं बैठती थी | जरा – जरा सी बात पर तुनकती रहती | जिधर से घर मे आती , मम्मी से किसी न किसी सहेली की शिकायत जड़ देती | – “ रेशू ने मेरे सामने अपनी गुड़िया […]

कविता

बेरहम प्रकृति

ओ बेरहम प्रकृति बोलो क्यों हो इतना नाराज किस बात का गुस्सा है जो उगल रहे हो आग सुनामी तूफान भूकंप से अभी भरा नहीं है मन बरसा रहे हो आग ऐसे साथ में ये गर्म पवन तड़प तड़प के मर रहे पशु पक्षी और मानव सभी हैं बेचैन यहाँ चारो ओर फैला तांडव दूभर […]

इतिहास

अपना सर्वस्व भारतमाता को समर्पित करने वाले देशभक्त वीर सावरकर

ओ३म् 132 वीं जयन्ती 28 मई पर जब हम देशभक्त महापुरूषों को याद करते हैं तो उनमें से एक अग्रणीय नाम वीर विनायक दामोदर सावरकर जी का आता है। सावरकर जी ने देश भक्ति के एक नहीं अनेको ऐसे कार्य किये जिससे यह देश हमेशा के लिए उनका ऋणी है। उनकी माता राधा बाई धन्य […]

आत्मकथा

आत्मकथा – दो नम्बर का आदमी (कड़ी 57)

मैं बता चुका हूँ कि वाराणसी के आसपास घूमने की बहुत सी जगह हैं। मुख्य रूप से सारनाथ तो शहर से केवल 5-6 किमी दूर है। लेकिन थोड़ी अधिक दूरी पर मीरजापुर जिले में पर्यटकों की रुचि के कई स्थान हैं। सबसे पहले तो मीरजापुर शहर से तीन-चार किमी दूर विंध्यवासिनी का प्रसिद्ध मंदिर है, […]

इतिहास

भारतीय क्रांति के महानायक – वीर सावरकर

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महानायक विनायक दामोदर सावरकर का जन्म महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर ग्राम में 28 मई 1883 को हुआ था। विनायक के पिता का नाम दामोदर पन्त तथा माता का नाम राधाबाई था। सावरकर जी चार भाई – बहन थे।  वीर सावरकर न केवल स्वाधीनता संग्राम सेनानी थे अपितु वे एक […]