हाइकु/सेदोका

हाइकू

1.छोड़ न जाना
दुःख और सुख में
साथ निभाना.

2.लौटा के मेरा
बचपन सुहाना
हंसा दे कोई.

3.कभी हंसातीं
भूली बिसरी यादें
कभी रुलातीं.

4.हमें रुलातीं
भूली बिसरी यादें
जब भी आतीं.

5.यही है सच
अग्नि है प्रचंड
क्रोध से बच.

6 thoughts on “हाइकू

  • विजय कुमार सिंघल

    बहुत अच्छे हाइकु !

    • मनजीत कौर

      हौंसला अफजाई के लिए शुक्रिया भाई साहब

  • गुरमेल सिंह भमरा लंदन

    मंजीत , हाइकु बहुत अछे लगे .

    • मनजीत कौर

      शुक्रिया भाई साहब

  • राज किशोर मिश्र 'राज'

    बहुत बढ़िया हायकू बहन जी

    • मनजीत कौर

      हौंसला अफजाई के लिए बहुत शुक्रिया भाई साहब |

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