कविता पद्य साहित्य

अपनी दुनिया

अपनी दुनिया को देखने में हम लगे हैं
रंग भरी दुनिया रंगीन बनाने में लगे हैं
कैसे बनेगा कुछ पता नहीं चल रहा है
कुछ लोगों के बताने पर चल रहे हैं

चलते हुए डगर पर हमेशा सोच रहे हैं
स्मरण शक्ति से ही सपने सजा रहे हैं
अपना ख्वाब कैसे पुरा होगा इस दुनिया में
यही तरकीब बनाने में दिन रात सोच रहे हैं
@रमेश कुमार सिंह

परिचय - रमेश कुमार सिंह 'रुद्र'

रमेश कुमार सिंह (हिंदी शिक्षक ) विद्यालय --उच्च माध्यमिक विद्यालय ,रामगढ़ ,चेनारी रोहतास जन्म तारीख --०५/०२/१९८५ शिक्षा --एम.ए. (हिन्दी,अर्थशास्त्र),बी.एड. हिंदी पता--कान्हपुर ,पोस्ट-कर्मनाशा ,जिला --कैमूर (बिहार)८२११०५ मोब.९५७२२८९४१०/९४७३००००८०/९९५५९९९०९८ Email - rameshpunam76@gmail.com प्राप्त सम्मान - भारत के विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से अब तक 70 सम्मान प्राप्त।

4 thoughts on “अपनी दुनिया

  1. कविता साधारण है। और बेहतर लिखने की कोशिंशकीजिए।

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