हास्य व्यंग्य

मुक्तक =यथार्त व्यंग=कलमकार

[1] दिल मे दर्द था क़लम सहारा बन गयी, नुक्कत के हेर फेर मे बेवफा सी सज गयी , कलमकार का नज़रिया आज लाबींग जमाना हुआ, बिनु दूल्हे बारात सजी, दुल्हन की विदाई हो गयी [2] भूल गये सच्ची बातें, अब गौरब किससे पाएँगे , लाबिन्ग और शगूफा का नव नुक्कत रोज पढ़ाएँगे, गुमराह करेंगे […]

मुक्तक/दोहा

तम्बाकू-सिगरेट छोड़ने का सरल उपाय

तलब लगे जब तम्बाकू-सिगरेट की,विचलित ना होना बस गिलास-भर पानी लेकर धीरे-धीरे सिप करना कुछ दिन में ही लत तेरी ये, छू-मन्तर हो जायेगी ‘भान’ मिलेगा नवजीवन, महकेगा घर-कोना-कोना उदय भान पाण्डेय ‘भान’ दिनांक 31-05-2015 विश्व तम्बाकू-निषेध दिवस

विज्ञान

आधुनिक विज्ञान का आधार वेद

ओ३म् आज विज्ञान तेजी से नई-नई सफलतायें प्राप्त कर आगे बढ़ रहा है। विगत कुछ दशकों में विज्ञान अनेक सफलतायें प्राप्त कर चोटी पर पहुंच गया है। आज से कुछ दशक पूर्व देशवासी जिन चीजों की कल्पना भी नहीं कर सकते थे, उनमें से अधिकांश व प्रायः सभी कल्पनायें साकार हो गईं हैं। विज्ञान से […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू

1.छोड़ न जाना दुःख और सुख में साथ निभाना. 2.लौटा के मेरा बचपन सुहाना हंसा दे कोई. 3.कभी हंसातीं भूली बिसरी यादें कभी रुलातीं. 4.हमें रुलातीं भूली बिसरी यादें जब भी आतीं. 5.यही है सच अग्नि है प्रचंड क्रोध से बच.

कविता

भौगोलिक उपनाम

दुनिया में सबसे महान है हमारा प्यारा हिंदुस्तान आओ बच्चों जानें हम इसके शहरों का भौगोलिक उपनाम ईश्वर का निवास प्रयाग है पंच नदी पंजाब साल्ट सीटी गुजरात है कोयला नगरी धनबाद खुशबू शहर कन्नौज है राज का ताज चितौड़ कोलकाता महलों का शहर इलेक्ट्रॉनिक शहर बंगलौर गुलाबी नगर जयपूर है सुरमा नगरी बरेली इस्पात […]

आत्मकथा

आत्मकथा : एक नज़र पीछे की ओर (प्रस्तावना)

प्राक्कथन जड़ चेतन गुन दोषमय विश्व कीन्ह करतार। संत हंस गुन गहहिं पय परिहरि वारि विकार।। सियाराम मय सब जग जानी। करहुँ प्रणाम जोरि जुग पानी।। काफी समय पूर्व मैंने अपनी आत्मकथा का पहला भाग अर्थात् अपने विद्यार्थी जीवन की कहानी ‘मुर्गे की तीसरी टाँग’ उर्फ ‘सुबह का सफर’ लिखी थी और कुछ समय पूर्व […]

कविता

आस

रखती है जिन्दा मुझे तेरे मिलने की आस अब जब भी आना, तो बादल की आगोश बन आना फिर हमारे बस में होगा बारिश की तरह बरसना बर्फ बन झरना स्पर्श कर गुजर जाना पर्वतों को मरुस्थलों को भ्रम या संतोष देना भी हमारे हाथ में होंगे सात रंगों के चित्र बिखेर सकेंगे हर तरफ […]

संस्मरण

मेरी कहानी – 30

अब हम कुछ बड़े हो गए थे और शरारतें भी करने लगे थे। यों तो मैं बहुत शरीफ लड़का था और बोलता बहुत कम  था, लेकिन कुछ शरारत करने में बगैर ज़्यादा बोले आगे हो जाता था। इसमें एक बात थी कि उस समय रास्तों पर टोने टोटके बहुत रखे हुए होते थे। कई बृक्षों की […]

कुण्डली/छंद

ताजी खबर : ताजी कुंडलिया

मौका था यह आठवाँ, जब कर मन की बात। प्रकट किए गहरे तनिक, अबकी वो जज्बात। अबकी वो जज्बात, सफलता हासिल करना। मौसम कितना गर्म, ध्यान पशु-खग का रखना। कह ‘पूतू’ कविराय, बड़ाई खुद सुन चौंका। कोर कसर मत छोड़, मिला जो सुंदर मौका॥

इतिहास

चिकित्सा में क्रांति के जनक का अन्त

सुश्रुत और चरक के बाद भारतीय चिकित्सा विज्ञान में नयी क्रांति के प्रणेता और पोषक ऊर्जा विज्ञान के जनक प्रोफेसर शिवाशंकर त्रिवेदी का विगत दिनों वाराणसी में निधन हो गया। प्रचार प्रसार से दूर इनका सारा जीवन एक कर्मयोगी की भांति सतातन आयुर्वेद के लिये पूरी तरह समर्पित था। उन्होंने मनुष्य के लिए असाध्य समझी […]