कविता

राज़े उल्फत

कहीं छुप – छुप के यूँही मुस्काता है कोई | खुल ना जाए राज़े उल्फत इसलिए चुप रहता है कोई | यूंही अठखेलियां कभी ,कभी आँखमिचौली नयनो की करता है कोई | कभी मिलकर भी यूंही खामोश सा रहता है कोई | कभी चुपके से मिलने की दुआ करता है कोई | खुल ना जाए…….. […]

कुण्डली/छंद

ताजी खबर : ताजी कुंडलिया

लमो-लमो करने लगा, पूरा भारत देश। लेकिन वो आते नहीं, जाकर बसे विदेश। जाकर बसे विदेश, न जाने डर किसका। सजन हैं कोतवाल, इलाका सारा उसका। कह ‘पूतू’ कविराय, लगी है नानी मरने। कैसे हैं खामोश, लगे लमो-लमो करने॥ पीयूष कुमार द्विवेदी ‘पूतू’

सामाजिक

जाहिल

जाहिल गंवार की परिभाषा बदल देनी चाहिए ऑफिस जाने के लिए ज्यूँ ही गाड़ी के पास पहुँचने वाला था कि सर पर गम्भीर चोट लगी .. खून से सारा शरीर भर गया …. अपार्टमेंट का गार्ड आकर सम्भाला और जल्दी से फर्स्ट ऐड की व्यवस्था किया ….. पत्नी और दोस्त की सहायता से अस्पताल जाने […]

कविता

कविता

तुम अपने क़दमों को रोको जरा उतर रहे हैं जो मेरे दिल में अहिस्ता-अहिस्ता आईने भी अब नहीं दिखाते मुझे अक्स मेरा अज़ब सी उमंगों में डूब रहा है दिल लबों पर तैरते हैं इन दिनों बैलोस नगमें तेरे ख़यालों से ताल मिलाते धीरे-धीरे मुझसे दूर हो रही मैं उतर रहे मुझमे तुम अहिस्ता-अहिस्ता आशा […]

आत्मकथा

आत्मकथा : एक नज़र पीछे की ओर (कड़ी 13)

वर्ष 2000 की समस्या उस वर्ष 1998-99 में कम्प्यूटर वाले एक विचित्र समस्या से जूझ रहे थे। उस समय कम्प्यूटर में तारीखों में वर्ष को 2 अंकों में दिखाया जाता था। सन् 2000 आने पर इससे काम चलना संदिग्ध था और कई कम्प्यूटरों के बेकार हो जाने की आशंका थी। इस आगामी संकट का पता […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

सत्य धर्म निर्णयार्थ सभी मत, पन्थ व सम्प्रदायों का अध्ययन व समीक्षा आवश्यक

ओ३म् वर्तमान काल में संसार में धार्मिक मत-मतान्तर बड़ी संख्या में प्रचलित है जिनकी ठीक-ठीक गणना करना भी सरल कार्य नहीं है। मुख्य एक मत की कई-कई शाखायें एवं प्रशाखायें भी हैं। मुख्य मत-पंथ-सम्प्रदाय लगभग 6 या 7 ही हैं। इन सभी  मतों की कुछ मान्यतायें व सिद्धान्त समान व कुछ पृथक-पृथक हैं एवं उपासना […]

सामाजिक

हिन्दुओं को मुस्लमान बनाने के “सेक्युलर” उपाय 

8 वीं शताब्दी में मुहम्मद बिन क़ासिम से आरम्भ हुई इस्लामिक आंधी, गौरी,गजनी, तैमूर लंग आदि से होती हुई 17 वीं शताब्दी में नादिर शाह तक चली। यह मतान्धता करीब 1000 वर्षों तक भारत जैसे शांतिप्रिय देश कि आत्मा को प्रताड़ित करती रही जिसका परिणाम करोड़ो निरपराध लोगों कि हत्या, लाखों स्त्रियों के साथ बलात्कार […]

कविता

देखो,बरस रहा है पानी…

बादलों से आता पेड़ों को गुदगुदाता प्रेम गीत गाता देखो,सुबह से बरस रहा है पानी । फुहारी साड़ी ले आता पलकों से सहलाता सोई हसरतें जागता उदास मौसम को भगाता देखो, बिन थके लरज़ रहा है पानी। झरोखों में मुस्काता याद पी की दिलाता नेह चिठिया सुनाता हृदय लहक-लहक जाता देखो,नवेली दुल्हन सा ठुमक रहा […]

स्वास्थ्य

पांच राज्यों में आयुष एम्स खोलेगी केन्द्र सरकार- श्रीपाद नाईक

लखनऊ, 26 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार अगले केछ वर्षों में पांच राज्यों में आयुष एम्स खोलने की तैयारी में है। इसके लिए तैयारियां शुरू है। बृजनन्दन यादव से विशेष बातचीत करते हुए केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक ने बताया कि जिन राज्यों में आयुष एम्स खोले जाने हैं उनमें दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उड़ीसा और पश्चिम […]

कविता पद्य साहित्य

जुदाई

ये कैसी जुदाई दिया तुने मेरा हाल बुरा हो गया। फटी सी जिन्दगी में मेरा दिल तड़पता रह गया। तेरे इस तनहाई के दर्द से मैं गुजरता चला गया। अब तक आशु तो बह रहे थे दिल रोता रह गया। आँखों के खुलने पर तुम्हे याद करता रह गया। आँखों के बन्द होने पर ख्वाब […]