Monthly Archives: September 2015

  • ग़ज़ल- “वो एक पल”

    ग़ज़ल- “वो एक पल”

    वो कितना सुखमय अवसर था. हम दोनों का मौन मुखर था शब्दों ने चुप्पी साधी थी, बोल रहा अक्षर-अक्षर था. मेरी बाँहों में चन्दा था, धरती पर उतरा अम्बर था. सागर के भीतर थी सरिता, या...

  • गीत : बेटी की शिक्षा

    गीत : बेटी की शिक्षा

    कलम उठाई है जो तुमने बेटी का अधिकार लिखो शिक्षित हो बेटी हर घर में वीणा का अवतार लिखो लिख दो सारे अधिकार अभी बेटी का दामन भरना है तोड़ पुरानी जंजीरो को आज नया कुछ...

  • हास्य गीतिका

    हास्य गीतिका

    वो सूखी लीद तुम अपने तबेले से हटा लेना। जहाँतक हो सके सब गंद चादर की छुड़ा लेना। तुम्हारे घर मुझे आना तभी यह बात बोली है, खजेले कुत्ते को अपने दुआरे से भगा लेना। निहायत...

  • ग़ज़ल( जिंदगी)

    ग़ज़ल( जिंदगी)

    ग़ज़ल( जिंदगी) जिनके साथ रहना हैं नहीं मिलते क्यों दिल उनसे खट्टी मीठी यादों को संजोने का है खेल जिंदगी। दिल के पास हैं लेकिन निगाहों से बह ओझल हैं क्यों असुओं से भिगोने का है...



  • हिंदी

    हिंदी

    चौदह सितम्बर हिंदी दिवस का दिन हिन्दीमय भारत चारों तरफ सम्मलेन, संगोष्ठी ,भाषण सरकारी कार्यालयों ,संगठनों ,संघों की दीवारों पर शोभित बड़े बड़े पोस्टर हिंदी का गुणगान करते हुए हिंदी की शान में गर्वोक्ति कहीं कहीं...

  • जल ही जीवन है

    जल ही जीवन है

    बचपन से हमें याद दिलाती थी दादी नानी। जितनी आवश्यकता हो, उतना ही खर्च करो पानी।। बडे़ बूढ़ों की बात पर हमने कभी नहीं मानी। पीने के पानी के लिए भी आज हो रही है परेशानी।।...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    किसने किसका दिल तोड़ा ये सारे ज़माने को है पता, कौन उजड़ा और कौन बसा ये सारे ज़माने को है पता किसने तोड़ी इश्क की कसमें प्यार के वादे भूला कौन, कौन वफा की राह चला...