Monthly Archives: September 2015


  • गीत : संतों का अपमान

    गीत : संतों का अपमान

    (काशी के संतो द्वारा गणपति विसर्जन की मांग पर उ प्र शासन के बर्बर लाठी चार्ज पर आक्रोश जताती मेरी ताज़ा रचना) गंगा माता बिलख रही थी, लाचारी के घाटों पर क्रूर लाठियां बरस रही थीं,...



  • श्राद्ध पक्ष

    श्राद्ध पक्ष

    ‘नमन’ सभी दिवंगत आत्माओं को जो वंश में अग्रज हमारे पूर्वज रहे । हमें सदा मनोहर ज्ञान की सीख दी समित्र भाव संग जीने के संस्कार दिए, मानवता और प्रभु भक्ति का मार्ग दिखाया, साथ हमारे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      जिंदगी से नहीं गिला कोई प्यार में हमनवां मिला कोई जिंदगी शूल का सफर साहिब ये ग़ज़ल है न काफ़िया कोई गौर से देखिये नजर उनकी आज भी जर्द है वफ़ा कोई बिखरती तीरगी घरों...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रोका हमने दिल दीवाना बोल उठा जल जल के कोई परवाना बोल उठा जर्द किये थे जज्बातों को सीने में गालों पर लाली का आना बोल उठा सो जाते हैं कितने ही भूखे बच्चे कूड़े पर...


  • मेरी कहानी 64

    ट्रैवल एजैंट के दफ्तर से  निकल कर और कुछ मठाई ले कर मैं गाँव आ गिया लेकिन मैंने माँ को कुछ नहीं बताया। जो खत मैंने लंदन कालज  को डाला था ,उस का जवाब मुझे मिल जाएगा...

  • लघुकथा : मनचले

    लघुकथा : मनचले

    लॉन्ग रूट की बस सर्पीली पहाड़ी सड़क से गुजर रही थी l कंडक्टर की सीटी के साथ ही बस सवारियों को चढ़ाने के लिए एकाएक रुकी l अन्य सवारियों के साथ दो किशोरियां भी बस में...