Monthly Archives: September 2015

  • इस प्यार की धरा का

    इस प्यार की धरा का

    इस प्यार की धरा का, सावन सरस बनों तुम। हर बूंद से निकलता, बस प्रेम रस बनों तुम।। पलकें बिछाऊं अपनी, तेरी डगर में हमदम। हरियाली कर दो तन मन, मुझे प्रेयसी वरो तुम…. हर बूंद से...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    आप को रूह से चाहता कौन है पूछते तब भी हो बावफा कौन है इल्म की राह है मुश्किलों का सफर बंदगी में खुदाया, मिटा कौन है । देख के गैर की महफ़िलो में तुझे लोग...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    अंदर बाहर आग लगी है घर चौबारे सुलग रहे ये हालात सुधारें कैसे कैसे कोई विलग रहे टुकड़ा-टुकड़ा टूटा भारत टूटी उसकी ताक़त भी जांत-धर्म के झगड़े में क्योंभाई-भाई अलग रहे पहले मुझको फूलों जैसा तेरा...

  • चकाचौंध का इंद्रजाल

    चकाचौंध का इंद्रजाल

    चकाचौंध का इंद्रजाल लोभी जीभ के खातिर अँधेरी राहों को चुन कर शादी के बंधन का मजाक उड़ा कई पतियों की मोहरों को बिसात पर बिछा काली गोटियों के खाने के काले किरदार निभा सफेद खानों...

  • मुद्दत बाद

    मुद्दत बाद

    मुद्दत बाद गुजरा हूँ तेरी गली से इल्म है की तुम्हें न देख पाउँगा। फिर भी एक उम्मीद है कि शायद मेरे कदमों की आहट सुन लो। वर्षों बीत गए और आँखों की रौशनी भी कम...


  • *****राजनीति पर कुछ दोहे*****

    *****राजनीति पर कुछ दोहे*****

    पल में मिलते हैं गले, पल में लातम लात। राजनीति के खेल में, हर पल होती घात।। लूट रहे है देश को,पहन शराफत खोल। खण्ड-खण्ड हो जायगा, भारत का भूगोल ।। सबके अपने रंग है,सबके अपने...

  • दन्तरक्षा – टूथपेस्ट बनाम दातुन

    दन्तरक्षा – टूथपेस्ट बनाम दातुन

    यों तो डॉक्टर साहब का सुपुत्र पी.एम.टी. की तैयारी कर रहा है, किन्तु एक सप्ताह से दाढ़ के दर्द से परेशान है। डॉक्टर साहब ने कैविटी में सोरेल सीमेन्ट भरवा दी है परन्तु दर्द यथावत है। बच्चे...