उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-26: ब्लैक कार

एक घने जंगल में अचानक एक कार आती है कार की वजह से वहाँ पड़े पत्ते सरसराहट के साथ उड़ने लगते हैं कार में स्नेहा तथा रूपाली बैठे हैं स्नेहा ड्राइव कर रही है तभी एक जगह पर कार रूकी और स्नेहा ने उतरकर देखा तो पास में एक पेड़ के नीचे पत्थर पर सफेद […]

गीतिका/ग़ज़ल

याद रहेंगे..

गजल.. 221 1221 1221 1211 मतला.. दीवार गिरे बैर कि गम शाद रहेंगे इन्सां कु किये खैर करम याद रहेंगे अशआर.. दहलीज कु है दर्द कि दरख्त भि बन्द हैं टूटकर बिखर जाए,करम याद रहेंगे तहजीब कि महफ़िल भि सजी देख नुमाइश महफूज दुआ माँ कि,वहम याद रहेंगे हमदर्द कु सब्जबाग दिखा तोड़ दिया दिल […]

भाषा-साहित्य

न्यू मीडिया: मौजूद हैं चुनौतियां एवं संभावनायें

सूचना प्रौद्योगिकी के युग में न्यू मीडिया का विस्तार दिनोंदिन निरन्तर बढता जा रहा है, जिसके कारण इसके आयामों में भी वृद्धि हो रही हैं। न्यू मीडिया ने पारम्परिक संचार माध्यमों को पीछे छोड़कर उस पर अपना अधिकार पूर्णत भले ही न कर पाया हो‚ लेकिन अपनी जमीन भविष्य के लिए पुख्ता जरूर कर ली […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

क्या देश ने महर्षि दयानन्द को उनके योगदान के अनुरूप स्थान दिया?

ओ३म्   महर्षि दयानन्द (1825-1883) ने भारत से अज्ञान, अन्धविश्वास आदि दूर कर इनसे पूर्णतया रहित सत्य सनातन वैदिक धर्म की पुनस्र्थापना की थी और इसे मूर्तरूप देने के लिए आर्यसमाज स्थापित किया था। वैदिक धर्म की यह पुनस्र्थापना इस प्रकार से है कि सत्य, सनातन, ज्ञान व विज्ञान सम्मत वैदिक धर्म महाभारत काल के […]

कविता

टूटे रिश्ते

  आज भी मोतियों से आंसू आंखों से फिसल जाते हैं अक्सर! रिश्ता जो उलझे हुये मांझे की तरह कभी नहीं सुलझता अक्सर ! आ जाता अहम बीच में या ऐतराज ए मुहब्बत छूटने में अक्सर ! बड़ी बेसकूंन सी हो जाती जैसे नाखूनों से खुरचती दर्दे रूह अक्सर ! भावनायें चढ़ती उतरती पारे सी […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

क्या हंसी मैं गुनाह कर बैठी. हसरतों से निक़ाह कर बैठी। उसको माँगा है जो नहीँ मिलना. मैं भी कैसी ये चाह कर बैठी। खुल गया राज़ यूं तबाही का . यकबयक मैं ही आह कर बैठी। जा मिला वो ही मेरे क़ातिल से. जिसको अपना गवाह कर बैठी। इश्क़ में बेवफ़ा के क्यों *शुभदा* […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-25: ब्लैकमेल

उसके बाद स्नेहा वापस दिल्ली आ गयी। कुछ दिन तक समीर का नम्वर बंद था और न ही कोई मेल आई थी जिससे स्नेहा बहुत घबरा गयी थी एक दिन समीर की मेल आयी स्नेहा ने रूपाली से मेल खोलने को कहा रूपाली न मेल ओपन की मेल देखकर रूपाली तथा स्नेहा दोनों दंग रह […]

कविता

जिंदगी

मेरे भूत,वर्तमान और भविष्य के साथ कई कुछ ही जुडता रहा बेतरतीब सा दिल करता है कभी कभी फिर से इस सारी किताब के वर्क वर्क बिखेर कर पन्नों को फिर से तरतीब दू टुकड़ों को खोलू फिर से तरतीब मे जोडू तो और भी उलझ जाते हैं मेरे ख्याल …. तब मै इस सारी […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

  हमारे साथ तेरी दिल्लगी अच्छी नहीं लगती दिखावे की तेरी ये दोस्ती अच्छी नहीं लगती नसीबों से मिला मुझको दुआओं में जिसे माँगा वफ़ा की राह में तेरी कमी अच्छी नहीं लगती अँधेरी राह में भटके बहुत जीवन के रस्तों पर उगा सूरज, दिये की रौशनी अच्छी नहीं लगती चमन को सींचता है जब […]

गीतिका/ग़ज़ल

ईद आ गई

गले मिलकर मिटा लो फासले ईद आ गई। मोहब्बत के शुरू हों सिलसिले ईद आ गई। नए ख्याल नई ख्वाहिश हसीं ख्वाब आँखों में खुशियों के सुहाने सफर पे चलें ईद आ गई बढ़ जाये भाईचारा,बढ़े सुख-शांति,बरक्कत दुआ है कोई भी न रहे अकेले ईद आ गई। तल्खी से तबस्सुम को भी रोते हुए देखा […]