इतिहास

भारत के लौह पुरुष सरदार पटेल का कृतज्ञ हमारा भारत

ओ३म् – देशवासियों के आदर्श एवं प्रेरणास्रोत- ‘माता भूमि पुत्रो अहं पृथिव्या’ इस वेद की सूक्ति में निहित मातृभूमि की सेवा व रक्षा की भावना से सराबोर देश की आजादी के अविस्मरणीय योद्धा, देश के प्रथम गृहमंत्री एवं उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की आजादी और और उसकी उन्नति के लिए जो सेवा […]

कुण्डली/छंद

कुण्डलिया छंद

लाठी हाथ मे लीजिए, बड़े काम की चीज़ देखि के दुश्मन भी डरें, रहे हाथ को मीज रहे हाथ को मीज , देखि लाठी को भइया कहे राज कविराय , मची जग ताथा थइया जीव जन्तु समझाय , चली लहराती लाठी पड़ी हाथ शैतान , चली इठलाती लाठी — राजकिशोर मिश्र ‘राज’ शनिवार ३१/१०/२०१५

कविता

बस प्यार होना चाहिए,

  प्यार में सौदा नहीं बस प्यार होना चाहिए, आदमी जैसा भी हो दिलदार होना चाहिए, काफिला दर काफिला कोई सफ़र दरकार है, मुश्किलों में रास्ता हमवार होना चाहिए, मंजिलों की राह पर बड़ते ही जायेगें कदम, कारवां का रहनुमाँ दमदार होना चाहिए, अब सुदामा और कृष्ण इस जमाने में कहाँ, दोस्ती जिंदा रहे ऐतबार […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वैदिक धर्म की वेदी पर प्रथम बलिदान: महर्षि दयानन्द

ओ३म् आज 30 अक्तूबर को बलिदान दिवस पर   आज महर्षि दयानन्द सरस्वती जी का बलिदान दिवस है। आज ही के दिन 30 अक्तूबर, सन् 1883 को अजमेर में सूर्यास्त के समय महर्षि दयानन्द ने अपने जीवन की अन्तिम सांस ली थी। उनके बलिदान का कारण उनका वैदिक धर्म का प्रचार करना था। स्वार्थी, पाखण्डी […]

राजनीति

देश विभाजन और अराजकता का षड्यंत्र : आरक्षण आन्दोलन

गुजरात में आरक्षण आन्दोलन और इसके नौजवान नेता हाएदिक पटेल की गिरफ्तारी साथ ही उस परिपेक्ष्य में नेट सेवा पर प्रतिबन्ध | कोई मामूली घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए | शांत और समृद्ध प्रदेश का आरक्षण के आग में धू-धू कर जलना किसी सोची-समझी गयी रणनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं ? […]

कविता

सीख

चींटी से सीखी हैं मैंने निरन्तर बढ़ने की कला गिर के संभलना संभल कर फिर चढ़ना धैर्य के साथ चलते रहना और बार बार संभलने की कला राह में अवरोध भले हो चाहे हो डगर कांटों भरी अपने लक्ष्य को पाने का उसका दृढ़ संकल्प चींटी से सीखी हैं मैंने जीवन सफल बनाने की कला […]

विज्ञान

मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

हमारे देश को आजाद हुए 68 साल हो गए लेकिन हम अभी भी गुलाम के गुलाम ही हैं। इसका प्रमाण है- हमारी शिक्षा पद्धति! आज तक देश में जितनी भी सरकारें बनी हैं, उन सबने अंग्रेजी की गुलामी की और वे सब घर बैठ गईं। आज भी हिंदुस्तान में चिकित्सा और कानून की पढ़ाई सिर्फ […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम सहित महर्षि वाल्मिकी भी विश्व के आदरणीय एवं पूज्य

ओ३म् हमारे पौराणिक भाईयों ने वैदिक वा आर्य गुण सम्पन्न मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम चन्द्र जी को ईश्वर का अवतार स्वीकार किया है और अपने मन्दिरों में उनकी मूर्ति स्थापित कर पूजा अर्चना करते हैं। अनुमान है कि विगत ढाई हजार वर्षों में, जब भी मूर्ति पूजा का आरम्भ हुआ, सबसे पहले जिस महापुरूष की […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वीरवार को किसी कब्र या साईं मंदिर में क्यों जाएँ?

आज वीरवार है। प्रात:काल उठते ही हर हिन्दू के मन में आज किसी आध्यात्मिक स्थल पर जाने की इच्छा हो उठती हैं। कोई हिन्दू किसी मुसलमान की कब्र पर सजदा करने जायेगा। कोई हिन्दू साईं बाबा उर्फ़ चाँद मियां की मूर्ति पर चमत्कार की इच्छा से मन्नत मांगने जायेगा। मगर पूरे हिन्दू समाज में शायद […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

  खो चुका जो वो सुहाना था बताती है मुझे याद की खुशबू पहाड़ों से बुलाती है मुझे शिल्पकारी से सजे सुंदर शिकारे खो गये पीर अपनों से बिछडने की रुलाती है मुझे पीर भोगी है वतन से भागने की इसलिए खैर, टंडन, कौल की पीड़ा सताती है मुझे क्या हसीं पल था प्रिया ने […]