Monthly Archives: October 2015



  • बस प्यार होना चाहिए,

    बस प्यार होना चाहिए,

      प्यार में सौदा नहीं बस प्यार होना चाहिए, आदमी जैसा भी हो दिलदार होना चाहिए, काफिला दर काफिला कोई सफ़र दरकार है, मुश्किलों में रास्ता हमवार होना चाहिए, मंजिलों की राह पर बड़ते ही जायेगें...



  • सीख

    सीख

    चींटी से सीखी हैं मैंने निरन्तर बढ़ने की कला गिर के संभलना संभल कर फिर चढ़ना धैर्य के साथ चलते रहना और बार बार संभलने की कला राह में अवरोध भले हो चाहे हो डगर कांटों...




  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      खो चुका जो वो सुहाना था बताती है मुझे याद की खुशबू पहाड़ों से बुलाती है मुझे शिल्पकारी से सजे सुंदर शिकारे खो गये पीर अपनों से बिछडने की रुलाती है मुझे पीर भोगी है...