संस्मरण

मेरी कहानी – 73

पब्ब से निकल कर हम तीनों मैं सुच्चा सिंह और गोरा फोरमैन फाऊंडरी की तरफ जाने लगे । फाऊंडरी पौहंच कर जब गेट के भीतर हम दाखल हुए तो गेट पर ही एक ऑफिस था। पहले यहां मेरे सारे डीटेल्ज़ लिए गए और आगे चल पड़े। बहुत खुली जगह थी और जगह जगह बड़े बड़े […]

इतिहास

देश को अणुशक्ति की राह दिखाने वाले वैज्ञानिक डा. भाभा

भारत में परमाणु शक्ति का विकास करने वाले महान् वैज्ञानिक डा. होमी जहांगीर भाभा का जन्म 30 अक्टूबर 1909 को मुम्बई के एक पारसी परिवार में हुआ था। वे न सिर्फ एक महान वैज्ञानिक थे अपितु चित्रकार और संगीतज्ञ भी थे। उनके पिता जे एच भाभा तत्कालीन बम्बई के प्रसिद्ध वकील थे । बाद में […]

कविता

करवाचौथ बहाना है

करवाचौथ पर मेरी पत्नी को समर्पित एक कविता :- करवाचौथ बहाना है, बस इतना याद दिलाना है, रात को जब मैं सोती हूँ, हर स्वप्न तुम्हारा होता है, उठते ही आँखों के आगे, ये चेहरा प्यारा होता है, तुम जब काम पे जाते हो, दरवाजे तक मैं आती हूँ, दिन कैसे बीतेगा तुम बिन, ये […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

आग है ख़ूब थोड़ा पानी है ये यहाँ रोज़ की कहानी है ये ही कहने में कट गए दो दिन चार ही दिन की ज़िंदगानी है ख़ुद से करना है क़त्ल ख़ुद को ही और ख़ुद लाश भी उठानी है पी गए रेत तिश्नगी में लोग शोर उट्ठा था यां पे पानी है मेरे ख़ाबों […]

गीत/नवगीत

गीत- धोखे हम खा जाते हैं

“हमने दुनिया देखी है”-हम सबसे यही बताते हैं. फिर भी अक्सर कैसे-कैसे धोखे हम खा जाते हैं. ये दुनिया है बहुत अनोखी इसके चलन अनोखे हैं. जो विश्वास अधिक करते हैं वे ही खाते धोखे हैं. जो नज़दीक बहुत होते हैं चोट वही पहुँचाते हैं. हमने दुनिया देखी है”-हम सबसे यही बताते हैं. रिश्ते में […]

कविता

दोस्त अनमोल होते हैं

दोस्ती अनमोल है दोस्त अनमोल होते हैं दोस्त यादो में, सम्बादो में होते हैं दोस्त गीत ग़ज़ल होते हैं दोस्त न हो जिंदगी सूनी है सारे रंग फीके हैं न होली न दिवाली अच्छी लगती है दोस्त महफ़िलो में संगीत की मधुर धुन की तरह होते हैं हर दर्द में दोस्त साथ होते हैं दोस्त […]

गीत/नवगीत

कविता: तिमिर (अन्धकार) का संसार से परिचय

सुनो तिमिर लो आज पुनः मैं कविता दीप जलाता हूँ चलो तुम्हे इस सघन घनन में जीवन छंद सुनाता हूँ!! चलो ले चलूँ पार तुम्हे मैं गीत अतीत के गाने को या नवपथ पर जीवनरथ पर भविष्य नया सजाने को चलो तिमिर फिर आज करा दूँ सैर तुम्हे वीरानों की परिचय दे सूरत दिखला दूँ […]

गीत/नवगीत

पत्नी जी की आरती

हे पत्नी तुम ही हो भार्या , तू ही बेटर हाफ घर के संग में करती , पॉकेट भी तू साफ़ द्वार खड़े प्रभु तेरे , सुन लो ये अरदास पतियों के संग होगा ,आखिर कब इन्साफ ……… तू ही बेटर हाफ हाथ में बेलन साजे , सर पे क्रोध सवार कमर में पल्लू खोसे […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

सोचते हैं बारहा क्यूँ हम सयाने हो गए हो गए हैं हम नए रिश्ते पुराने हो गए बात क्या है मिन्नतें रोती बहुत हैं आजकल ख़्वाहिशों को मुस्कुराए तो ज़माने हो गए बीनती कूड़ा जो बच्ची खेलने की उम्र में सिर्फ़ इक सिक्के में उसके गुम ख़ज़ाने हो गए जब जवाँ बेटे की अर्थी को […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

सभी आप से दिल लगाने लगे हैं मुहब्बत दिखा कर जलाने लगे हैं बसाया तुझे दिल में मूरत बना कर तभी भूलने में जमाने लगे हैं । जरा मुस्कुरा कर के देखा जो तुमने मुहब्बत के सपने सजाने लगे हैं । चले जो गए थे मेरी मुफलिशी में जरा वक्त बदला वो आने लगे हैं […]