संस्मरण

मेरी कहानी 65

तहसीलदार का काम हो गिया था और यह बड़ा काम था किओंकि मैंने सुन रखा था कि यह तहसीलदार बहुत सख्त था और फ़ाइल में छोटी सी गलती भी होने से फ़ाइल को रिजेक्ट कर देता था और सब कुछ फिर से शुरू करना पड़ता था। अब तहसीलदार का मुंह दुबारा नहीं देखना पड़ेगा, इस […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-30: किडनेपिंग

कुछ दिन बाद एंथोनी ने स्नेहा की आई डी से समीर को मेल भेजी मेल में लिखा था समीर मेरे घर वालों ने मेरी शादी औय कर दी है और मैं बहुत खुश हूॅ तुम मुझे भूल जाओ समीर मेल देखकर बहुत परेशान सा हो गया और दो-तीन दिन तक बहुत उदास रहा वह सोच […]