धर्म-संस्कृति-अध्यात्म विज्ञान

सृष्टि को किसने, कैसे व क्यों बनाया?

ओ३म्                               हम जिस संसार में रहते हैं वह किसने, कैसे, क्यों व कब बनाया है? इस प्रश्न का उत्तर न तो वैज्ञानिकों के पास है और न हि वैदिक धर्म से इतर धर्म वा मत-मतान्तरों व पन्थों के आचार्यों तथा उनके ग्रन्थों में। इसका पूर्ण सन्तोषजनक व वैज्ञानिक तर्कों से युक्त बुद्धिसंगत उत्तर वेदों व […]

सामाजिक

परीक्षाएँ ही नहीं, महत्त्वपूर्ण होते हैं प्रश्नपत्र भी

पिछले दिनों (जुलाई 2014 में) केरल कर्मचारी चयन आयोग (एस.एस.सी.) की ओर से ग्रैजुएट लेवल की एक परीक्षा में प्रश्न पूछा गया कि इनमें से सबसे लंबी ऐक्ट्रेस कौन है? उत्तर के लिए चार आॅप्शन दिए गए हैं जो इस प्रकार से हैं: (1) हुमा कुरैशी (2) कटरीना कैफ़ (3) दीपिका पादुकोण (4) प्रीटि जिंटा […]

कविता

कविता : गांव और शहर  

एक शहर कई गांव हो सकते हैं लेकिन एक गांव शहर नहीं हो सकता गांव में संस्कृत है संस्कृति है शहर सुसज्जित है सज्जनों से, गांव में भूखे नंगे हैं लेकिन कहीं बेहतर हैं शहरी नंगो से…. — पंकज कुमार साह 

कविता

कविता : बनारस की इन राहों में

बनारस की इन राहों में वेदना की विकल बाँहों में चल रहा मैं अनजान बेसहारा ग्रीष्म की दहकती दाह में जल रहा मैं एक गम का मारा बनारस की इन राहों में हर साँस बोझिल हो चली हर पल निकलता जा रहा मैं भटकता चल रहा लिए मन में झमेला आह ! एकदम अकेला बनारस […]

राजनीति

देश को गुमराह करने की कोशिश न करें!

आज समाज में सर्वत्र नये-नये विवादों को जन्म मिलता जा रहा है। देखा जाये तो जो-जो वाद आज प्रचारित व प्रसारित हो रहे हैं, वह सत्यता में वाद नहीं है, वह तो सामान्य ही रूप हैं किन्तु कुछ तथाकथित राजनीतिज्ञों ने अपने स्वार्थी भावों को जागृत कर समस्त भारतवर्ष को घिनौनी चादर से व्याप्त करने […]

सामाजिक

क्यों न त्यागे धर्म / मजहब को स्त्रियां?

अभी कुछ दिन पहले यह खबर पढ़ी थी की सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों का प्रवेश निषेध जारी रखा गया और एक और खबर पढ़ी की महाराष्ट्र के शनि देव मंदिर में एक महिला द्वारा पूजा करने और तेल चढाने पर पुरे मंदिर का ‘ शुद्धिकरण’ करवाया गया । देश में ऐसे लाखो मंदिर होंगे जिनमें […]

राजनीति

अशांत नेपाल में भारत विरोधी लहर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम पद की शपथ लेने के बाद पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिये साहसिक व गंभीर प्रयास प्रारंभ किये थे तथा इस सिलसिले में वे दो बार नेपाल भी गये। नेपाल में पीएम मोदी का खूब जादू चला तथा भूकम्प से प्रभावित पड़ोसी […]

गीतिका/ग़ज़ल

कह रहा है दिल गज़ल कोई लिखुं…

कह रहा है दिल गज़ल कोई लिखुं। मुस्कुराता हंसता पल कोई लिखूं॥ भूल कर आघात के मंजर सभी। चाहतों का नव कमल कोई लिखूं॥ मोड कर इस दर्द के सैलाब को। अब मेरी मुश्किल का हल कोई लिखूं॥ छोड कर आंसू में डूबी ये कलम। हौसलों का अपना पल कोई लिखूं॥ क्यूं तेरे बंगलों पे […]

कविता

सादर शुभकामाएं

मित्रों सादर शुभ दिवस, आज युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच द्वारा दिल्ली में वार्षिक सभा का आयोजन किया गया है जहाँ देश-विदेश से गणमान्य रचनाकारों के सानिध्य में मुझे भी दर्शन का अवसर मिला था पर अपने अन्य दायित्वों के निर्वहन से मै पहुँच न सका जिसका मुझे बेहद अफसोस है……उसी उपलक्ष्य में एक पोस्ट किया […]

बाल कविता

बाल कविता : अपनी माटी

अपनी माटी अपनी माटी हमें है अपनी जान से प्यारी इसके लिये कुछ भी कर जायेंगे अपनी जान भी दे जायेंगे हम चुप है तो डरपोक न समझो वीर पुरुष हम कहलाते हैं ज्वालामुखी जब फटता हमारा दुश्मन को खून से नहलाते हैं जान छिड़कते है इस माटी पर यह सुनाती है वीरो की गाथा […]