Monthly Archives: November 2015


  • मुक्तक

    मुक्तक

    कभी न झुकनेवाले करो वक्त का एहसास दर्प दिखाने वाले का हो हो जाता विनाश वक्त की आँधी में बड़े वृक्ष उजड़ जाते हैं वक्त को समझनेवाली नहीं उजड़ती घास — खुशियाँ सबको बाँटूं गम ले...

  • कुछ मुक्तक

    कुछ मुक्तक

      प्यार के मीठे बोल जरा बोल दो मेरे कानों में अमृत जरा घोल दो जिन्दगी का है मेरे ठिकाना नहीं बंद होठों को अपने जरा खोल लव को खोलो जरा मुस्कुराओ जरा मेरी ग़ज़लों को...

  • मेरी कहानी 82

    मेरी कहानी 82

    पहला दिन हमारा कामयाब रहा था. बस को चलाने का कुछ आइडिया हो गिया था. दुसरे दिन मैंने डिपो से बस निकालने से पहले बस में तीनों तरफ़ DRIVER UNDER INSTRUCTIONS के बोर्ड खुद ही लगाए...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    दृग खुले रखना किसी से, प्रीत पल जाने के बाद। जग नहीं देता सहारा, पग फिसल जाने के बाद। चार होते ही नयन, कर लो हजारों कोशिशें, त्राण है मुश्किल, नज़र का बाण चल जाने के...

  • कहानी – रक्तदान

    कहानी – रक्तदान

    यह मेरी पहली नौकरी है. नौकरी के साथ साथ ६ महीने की इंटर्नशिप करनी है. मेरे साथ दस बारह लडकियां और भी हैं. सब अलग अलग शहरों में स्नातक की डिग्री कर के आई हैं. हमारी...

  • लघुकथा : नीच

    लघुकथा : नीच

    माता पिता के साथ जा रही एक छह सात वर्ष की लड़की का अचानक पांव फिसला और गहरी खाई में जा गिरी। खून में लथपथ बेटी को उन्होने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला और निकट ही एक...

  • गीत : संग्राम की बेला आयी !

    गीत : संग्राम की बेला आयी !

    त्याग मत गांडीव, अब संग्राम की बेला है आयी। देख तेरे सामने फिर काल ने मोहरे सजाए चक्रव्यूह ऐसा न होे कि फिर किसी को लील जाए धूप में परछाईं जब, अपनी न तुझको दे दिखाई।...

  • ख़्वाब की तरह

    ख़्वाब की तरह

    ख़्वाब की तरह से आँखों में छिपाये रखना हमको दुनिया की निगाहों से बचाये रखना बिखर न जाऊँ कहीं टूट के आंसू की तरह मेरे वजूद को पलकों पे उठाये रखना आज है ग़म तो यक़ीनन...

  • बच्चा पैदा करने वाली मशीन

    बच्चा पैदा करने वाली मशीन

    केरल के मशहूर सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने कल दिनांक २८, नवंबर, २०१५ को कोझिकोड में मुस्लिम स्टूडेंट फ़ेडेरेशन के एक कैंप को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं कभी पुरुषों के बराबर...