धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

महान आर्य संन्यासी स्वामी श्रद्धानन्द

ओ३म् वैदिक धर्म एवं संस्कृति के उन्नयन में स्वामी श्रद्धानन्द जी का महान योगदान है। उन्होंने अपना सारा जीवन इस कार्य के लिए समर्पित किया। वैदिक धर्म के सभी सिद्धान्तों को उन्होंने अपने जीवन में धारण किया था। देश भक्ति से सराबोर वह विश्व की प्रथम धर्म-संस्कृति के मूल आधार ईश्वरीय ज्ञान ‘‘वेद” के अद्वितीय […]

मुक्तक/दोहा

मुक्तक

कभी न झुकनेवाले करो वक्त का एहसास दर्प दिखाने वाले का हो हो जाता विनाश वक्त की आँधी में बड़े वृक्ष उजड़ जाते हैं वक्त को समझनेवाली नहीं उजड़ती घास — खुशियाँ सबको बाँटूं गम ले लूं उधार तमस मिटाने के लिए खुद जलूं सौ बार देश के काम आ जाये गर जिन्दगी मेरे जीवन […]

मुक्तक/दोहा

कुछ मुक्तक

  प्यार के मीठे बोल जरा बोल दो मेरे कानों में अमृत जरा घोल दो जिन्दगी का है मेरे ठिकाना नहीं बंद होठों को अपने जरा खोल लव को खोलो जरा मुस्कुराओ जरा मेरी ग़ज़लों को तुम गुनगुनाओ जरा मस्त आंखों का छलका दो मदिरा प्रिये पास आओ जरा पास आओ जरा यूं न रुठो […]

संस्मरण

मेरी कहानी 82

पहला दिन हमारा कामयाब रहा था. बस को चलाने का कुछ आइडिया हो गिया था. दुसरे दिन मैंने डिपो से बस निकालने से पहले बस में तीनों तरफ़ DRIVER UNDER INSTRUCTIONS के बोर्ड खुद ही लगाए और बस की कैब में जा बैठा. viki dunton मुझे बोला, “are you sure you can take it out […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

दृग खुले रखना किसी से, प्रीत पल जाने के बाद। जग नहीं देता सहारा, पग फिसल जाने के बाद। चार होते ही नयन, कर लो हजारों कोशिशें, त्राण है मुश्किल, नज़र का बाण चल जाने के बाद। बाँध लो प्रेमिल पलों को, ज़िंदगी भर के लिए। फिर नहीं आता वही मौसम, निकल जाने के बाद। […]

कहानी

कहानी – रक्तदान

यह मेरी पहली नौकरी है. नौकरी के साथ साथ ६ महीने की इंटर्नशिप करनी है. मेरे साथ दस बारह लडकियां और भी हैं. सब अलग अलग शहरों में स्नातक की डिग्री कर के आई हैं. हमारी शिक्षिका हैं डा. शारदा करकरे. वरिष्ठ एवं तेजस्वी. ऊंचा क़द ,गंभीर आवाज़ और निर्मल व्यवहार. कुछ भी हो जाए […]

लघुकथा

लघुकथा : नीच

माता पिता के साथ जा रही एक छह सात वर्ष की लड़की का अचानक पांव फिसला और गहरी खाई में जा गिरी। खून में लथपथ बेटी को उन्होने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला और निकट ही एक घर पर ले गए। घायलावस्था में अचेत लड़की को वहां कुछ लोगों ने प्राथमिक उपचार दिया और उसे होश में […]

गीत/नवगीत

गीत : संग्राम की बेला आयी !

त्याग मत गांडीव, अब संग्राम की बेला है आयी। देख तेरे सामने फिर काल ने मोहरे सजाए चक्रव्यूह ऐसा न होे कि फिर किसी को लील जाए धूप में परछाईं जब, अपनी न तुझको दे दिखाई। क्या करे श्रीकृष्ण, जब खुद द्रौपदी ही चीर त्यागे! है खड़ी रक्षक बनी, दुश्शासनों की भीड़ आगे दे रहा […]

गीतिका/ग़ज़ल

ख़्वाब की तरह

ख़्वाब की तरह से आँखों में छिपाये रखना हमको दुनिया की निगाहों से बचाये रखना बिखर न जाऊँ कहीं टूट के आंसू की तरह मेरे वजूद को पलकों पे उठाये रखना आज है ग़म तो यक़ीनन ख़ुशी भी आएगी दिल में इक शम्मा तो उम्मीदों की जलाये रखना तल्ख़ एहसास से महफ़ूज रखेगी तुझको मेरी […]

सामाजिक

बच्चा पैदा करने वाली मशीन

केरल के मशहूर सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने कल दिनांक २८, नवंबर, २०१५ को कोझिकोड में मुस्लिम स्टूडेंट फ़ेडेरेशन के एक कैंप को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं कभी पुरुषों के बराबर नहीं हो सकतीं, क्योंकि वे केवल बच्चों को पैदा करने के लिए बनी हैं। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता […]