गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

प्यार में लाख शिकवा गिला कीजिये मुस्कुराते हुये बस मिला कीजिये । जिंदगी का सफर शूल की है डगर मुस्किलों का जरा सामना कीजिये। प्यार का रोग मुझको लगाया सनम दर्द दिल की मिरे अब दवा कीजिये । आप को देख कर रात गुजरे मिरी चाँद बनकर फ़लक पर रहा कीजिये। सर झुका के तुझे […]

गीत/नवगीत

नवगीत : स्टाप दि एसिड अटैक़

अब रोक दो ये सब छोड़ दो बेरहम जंजीरो को अब तुम तोड़ दो एसिड क्या जलाएगा कितने दाग लगाएगा हमारे हौसलों के आगे एसिड भी जल जाएगा इसी बात पे मिलकर बोलो स्टाप दि एसिड अटैक ए लड़के तू सुन ले मेरी बात मैं घूमूंगी फिरूगी चाहें हो दिन या हो रात मेरे पीछे […]

लघुकथा

लघुकथा : आपको गोली मारूंगा

‘आया रे …आया रे खिलोने वाला खेल खिलोने ले के आया रे …खिलोने ले लो भाई खिलोने ले लो , बढ़िया सस्ते खिलोने |’ खिलोने वाला गाता हुआ गली – गली में खिलोने बेच रहा था | राधा के बच्चे भी खिलोने लेने की जिद करने लगे | राधा ने खिलोने वाले को बुलाया और […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

कभी है ग़म,कभी थोड़ी ख़ुशी है इसी का नाम ही तो ज़िन्दगी है हमें सौगात चाहत की मिली है ये पलकों पे जो थोड़ी-सी नमी है मुखौटे हर तरफ़ दिखते हैं मुझको कहीं दिखता नहीं क्यों आदमी है? फ़िज़ा में गूँजता हर ओर मातम कि फिर ससुराल में बेटी जली है सभी मौजूद हों महफ़िल […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

उच्श्रृंखल है प्यार तुम्हारा  अच्छा लगता है, मुझ पर हर अधिकार तुम्हारा  अच्छा लगता है. कैद किया है तुमने तो मुझको अपने दिल में, पर ये कारागार तुम्हारा अच्छा लगता है. “ना” भी कहते तो मुझको “हाँ” जैसा ही लगता, इक़रार-ओ-इंकार तुम्हारा अच्छा लगता है, चुन्नी फिसले मेरी नज़र झुका लेते हो तुम, हरदम यह […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

साधना कर यूँ सुरों की, सब कहें क्या सुर मिला बज उठें सब साज दिल के, आज तू यूँ गुनगुना हाय! दिलबर चुप न बैठो, राज़े-दिल अब खोल दो बज़्मे-उल्फ़त में छिड़ा है, गुफ़्तगूं का सिलसिला उसने हरदम कष्ट पाए, कामना जिसने भी की व्यर्थ मत जी को जलाओ, सोच सब अच्छा हुआ इश्क़ की […]

समाचार

भारत-पाक क्रिकेट शृंखला

समझ में नहीं आता है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज न खेलने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पेट में दर्द क्यों होने लगता है! दुनिया में बहुत-से क्रिकेट खेलने वाले देश हैं। हम उनके साथ नियमित रूप से क्रिकेट खेलते हैं। पाकिस्तान में कौन सुर्खाब के पंख लगे हैं कि हम कुछ ही […]

हास्य व्यंग्य

पाठक की सहिष्णुता

आजकल देश में असहिष्णुता पे खूब बातें हो रही है, किसी को देश अच्छा नहीं लग रहा तो कोई ईराक सीरिया का अखबार पढ़ भारत में डर रहा है, “रक्तपात” की बातें करने वालो को भी असहिष्णुता की चिंता हो रही है, पार्टी के नेशनल मीटिंग में बात पसंद न आने पर बाउंसर से पिटवाने […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

हसरते – दिल को ज़ुबाँ अपनी  बना लूँ तो कहूँ, दिल को थामूँ तो कहूँ, खुद को सम्हालूँ तो कहूँ। उनसे कहना तो बहुत कुछ है मगर क्या करिये, पहले इज़तराब से इस दिल को निकालूँ तो कहूँ। ज़हर  ऐसा   कि  दरे – मर्ग   पे  जा  कर  छोड़े, इश्क क्या है,  दिले-मुज़्तर को […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

सच सरेआम सताया जा रहा है, झूठ का महल सजाया जा रहा है कल तलक जो कटघरे में खड़े थे उन्हें हाकिम बनाया जा रहा है मिल रही हैं गद्दारों को जागीरें, शहीदों को भुलाया जा रहा है कभी पैरों की अपने धूल थे जो, उन्हें सर पे बैठाया जा रहा है वादे करके झूठे […]