Monthly Archives: December 2015





  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      दीन दुनिया ईमान है कोई बाखुदा अहले जान है कोई । चाहतों का दीया न बुझ जाए आज आया तूफ़ान  है कोई । जख्म पे जख्म दे रहा मुझको इस तरह कद्रदान है कोई ।...