लघुकथा

लघुकथा : श्रवण कुमार

पिताजी की मृत्यु के पश्चात इकलौते बेटे_बहू बिलकुल शोकाकुल नहीं थे बल्कि वे तो परचितों ,रिश्तेदारों से प्रसन्नतापूर्वक मिल रहे थे और गेट तक छोडने जा रहे थे।साथ ही बार बार यही कहे जारहे थे कि सब भाइयों में पिताजी ही सबसे अधिक दिन जिए तेरासी साल के थे।जिसका यही मतलब झलक रहा था कि इतने दिन क्यों जिए।ये सब इसलिए हो रहा था क्योंकि पिताजी का बंगला आखिरकार उनको मिल ही गया था। बहूरानी दुख प्रकट करने की बजाय अपने बच्चों का गुणगान किए जा रही थीं।अपने इकलौते बेटे के लिए कहने लगी_”अरे!जब इनकी तबियत खराब हुई थी तो हमारे सोनू ने श्रवण कुमार की तरह दिन रात अपने पापा की सेवा की थी।”सब यह सब सुनकर बुरा महसूस कर रहे थे समय के हिसाब से बात करना चाहिए।आखिर मौसी जी से न रहा गया और वो बोल ही पडीं_हाँ बहू हमारा बेटा भी शादी से पहले श्रवण कुमार बन कर अपने माँ_बाप की सेवा किया करता था।

— डॉ अमृता शुक्ला

डॉ. अमृता शुक्ला

नाम....डॉ श्रीमती अमृता शुक्ला जन्म तिथि....11march 1960 जन्म स्थान.....भोपाल म.प्र. पितामह......विश्व विद व्याकरणाचार्य पं.कामता प्रसाद गुरू पिता........स्व.डॉ राजेश्वर गुरु साहित्य कार पति.......श्री अनिल शुक्ला शिक्षा.......एमए हिंदी,पीएचडी,बीएड रुचि......संगीत,पठन पाठन,लेखन प्रकाशित पुस्तकें....."बेतवा और रेवा ,'" काव्य संग्रह "धीरे धीरे रे मना" प्रकाशित रचनाएं......ठाणे से प्रकाशित महिला काव्य संकलन "अभियान में ग़ज़ल_दुष्यंत के बाद दिल्ली से प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह में ग़ज़लें जेएमडी पब्लिकेशन दिल्ली से प्रकाशित नारी चेतना के स्वर एकता की मिसाल ,श्रेष्ठ काव्य माला भाग _एक और दो,स्वर्ण जंयती काव्य संग्रह में रचनाएं।कवरधा छ.ग.से प्रकाशित "काव्य सुमन " में रचना जालौन उ.प्र.से प्रकाशित काव्य संग्रह "प्रयास में रचना ,स्त्री विमर्श__" समकालीन कविता का नया आया" बडोदरा से प्रकाशित काव्य संकलन में रचना "काव्य सुधा"भोपाल से प्रकाशित काव्य संग्रह भाग एक दो ।पत्रिका पंखुरी उत्तराखंड से,मासिक पत्रिका शाश्वत भारती उज्जैन से,विवेक वाणी पत्रिका बडवाह खरगौन,अपना बचपन पत्रिका भोपाल में रचनाएं प्रकाशित।हम सब साथ साथ नई दिल्ली से प्रकाशित पत्रिका में रचनाएं, समाज कल्याण दिल्ली से प्रकाशित पत्रिका में एवं हापुड से निकलने वाली आगमन में रचनाएँ प्रकाशित। सम्मान......पुष्पगंधा प्रकाशन कवरधा के द्वारा काव्य सुमन सम्मान।म.प्र.नवलेखन संघ भोपाल द्वारा साहित्य मनीषी एवं भाषा भारती सम्मान। हम सब साथ साथ नई दिल्ली द्वारा वरिष्ठ प्रतिभा सम्मान,पूर्वोतर हिंदी अकादमी शिलांग द्वारा डॉ महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान । प्रसारण......रायपुर आकाशवाणी से कविताओं एवं कहानी का प्रसारण।