गीत/नवगीत

गीत : आय-फ़ोन ये मेरा बिलकुल तुम-सा लगता है

मुझको यह निर्जीव बहुत आदम-सा लगता है.
आय-फ़ोन ये मेरा बिलकुल तुम-सा लगता है.

ये आसाँ है इतना, समझे
बच्चा-बच्चा बेहतर.
कैसे दुनिया सिमटी देखो
एक फ़ोन के भीतर.
प्रिय के जैसा फोन, फोन प्रियतम-सा लगता है
आय-फ़ोन ये मेरा बिलकुल तुम-सा लगता है.

मीठी यादें क़ैद करे सब
गीत सुधा बरसाए.
तुम जैसा ही आय-फ़ोन भी
इस दिल को हर्षाए.
कभी ओस की बूँद कभी शबनम-सा लगता है.
आय-फ़ोन ये मेरा बिलकुल तुम-सा लगता है.

इससे अलग एक पल होती
तो मुश्किल हो जाती.
जैसे बिना तुम्हारे तनहा
होकर मैं घबराती.
हर पल इसका साथ मुझे हमदम-सा लगता है.
आय-फ़ोन ये मेरा बिलकुल तुम-सा लगता है

*अर्चना पांडा

कैलिफ़ोर्निया अमेरिका

One thought on “गीत : आय-फ़ोन ये मेरा बिलकुल तुम-सा लगता है

Comments are closed.