Monthly Archives: January 2016

  • “कुण्डलिया”

    “कुण्डलिया”

    सादर शुभ दिवस प्रिय मित्रों, एक कुण्डलिया छंद आप सभी को सादर निवेदित है इस बार मौनी अमावस्या दिन सोमवार को है जिसका एक अलग ही महात्म्य है अतःइस पावन पर्व को मनन करते हुए यह...

  • कविता सिंह की ग़ज़ल

    कविता सिंह की ग़ज़ल

    तुम्हारे प्यार की तासीर में बेचैन मेरा दिल, तुम्हे पाने की हर तदबीर में बेचैन मेरा दिल। अधूरी ख़्वाहिशें मेरी अधूरे ख़्वाब हैं मेरे, अधूरे ख़्वाब की तामीर में बेचैन मेरा दिल। अकेला सा खड़ा बरगद...


  • यक्ष प्रश्न

    यक्ष प्रश्न

    स्वप्न में महाभारत वर्णित जलाशय के पास से गुजरते हुए मेरे भीतर अचानक धर्मराज युद्धिष्ठिर की आत्मा बरबस घुस गई I यक्ष महाराज ने धर्मराज युद्धिष्ठिर से पुछा – भारत के प्रधानमंत्री मोदीजी को अगला चुनाव...


  • रंग-ढंग

    रंग-ढंग

    आज फेसबुक पुरानी यादों को ताज़ा कर रहा था | अचानक चेतन को वे ,तस्वीरें दिखी जो उसने पांच साल पहले डाली थी | जिन्हे वह भूल ही गया था | अब ऐसी तस्वीरों की जरूरत...


  • “गजल”

    “गजल”

    सादर मंगल दिवस प्रिय मित्रों, एक गजल आप सभी को प्रस्तुत करता हूँ.……. “गजल” रे स्वार्थ तुझपर इत्मीनान हो गया जब मेरा ही नाम मेहमान हो गया उबलती हुई चाय नमकीन संग आई तो यादों का...


  • ~निष्कपट-निष्कलंक~

    ~निष्कपट-निष्कलंक~

    लड़की ! निष्कपट-निष्कलंक थी गन्दी लड़की! हाँ बदनाम कर  दी गयी थी! इसी नाम से गाँव के ही काका ताऊओ द्वारा | गन्दी फोटो उसने नहीं बांटी थी बल्कि गाँव के ही कुछ मनचले युवकों द्वारा...