गीतिका/ग़ज़ल

विदाई

आज सुबह से दिल बार बार कह रहा है गुजरे हुये लम्हों पर इतबार कर रहा है बीत गया एक बचपन आँखों के सामने बेटी की डोली है आँसू विचार कर रहा है॥ गत कुछ साल में बड़ी हुई नन्ही सी परी आज घूँघट में रुकसत इंतजार कर रहा है॥ खिखिलाती हंसी कूंकती कोयलिया मानों […]

गीतिका/ग़ज़ल

दिल में क्यूं है इतना मलाल मत पूछ…

दिल में क्यूं है इतना मलाल मत पूछ। जिनके उत्तर नही वो सवाल मत पूछ॥ अब जहां हूं जैसा हूं बस ठीक हूं मैं। हमदर्दी मत दिखा मेरा हाल मत पूछ॥ जानें क्या क्या लील गयी ये आग। कितना जल गया हैं माल मत पूछ॥ पहले से ही बंटें हैं हम वो क्या कम हैं। […]

गीत/नवगीत

दिल में लगने लगी है लगन क्या करे…

दिल में लगने लगी है लगन क्या करे सांसों में पल रही है जलन क्या करे। नीद आती नही सोचकर आपको करके हारे हैं सारे जतन क्या करे॥ जलते दीपक सा जलता है दिल रात भर आहे भरता मचलता है दिल रात भर। इस तरहा बस गये हो ख्यालो में तुम मुश्किलों से सम्हलता है […]

राजनीति

सरकार का एक और झुनझुना

सोमवार को लोकसभा में आम बजट 2016-17 पेश करते हुए छोटे करदाताओं को राहत देते हुए 5 लाख से कम की आय वालों को तीन हजार का फायदा दिया . मध्यम बर्ग के जो लोग इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव की उम्मीद कर रहे थे उन्हें एक बार से निराशा हाथ लगी . दाल […]

लघुकथा

लघुकथा : बेटी

आज शर्मा जी के घर में बड़ी रौनक थी, उनकी एकलौती बेटी ममता की शादी जो थी. बहुत से मेहमानों से घर भरा हुआ था, दरवाजे पर शहनाई बज रही थी, खुशियों का दौर था. शर्मा जी बड़े व्यस्त थे. फेरे हो रहे थे. बेटी की विदाई के बारे में सोच सोच कर ही शर्मा दम्पति […]

कविता

फिर आई है हिचकी

स्त्री हिचकियाँ की सखी साथ फेरो का सकल्प दुःख सुख की साथी एकाकीपन खटकता परछाई नापता सूरज पहचान वाली आवाजों में खोजता मुझे दी जाने वाली तुम्हारी जानी पहचानी पुकार आँगन -मोहल्ले में सुनापन विलाप के स्वर तस्वीरों में कैद छवि सदा बहते अश्रु तेज हो जाते तुम्हारी पुण्य तिथियों पर दरवाजा बंद करता खालीपन […]

लेख

रायचंद

हम सब को दूसरों को राय देने की बहुत बुरी आदत है। शायद ही कोई ऐसा हो जिसने दूसरों को राय न दी हो। “तुम्हें ऐसा नहीं वैसा करना चाहिए था।” या “मैं तुम्हारी जगह होता तो ऐसा करता. . . . “। हम सभी ऐसा कहते हैं क्योंकि हम सभी अच्छी तरह से जानते […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वैदिक धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वाले अन्य मतों के अनुयायी

ओ३म् महर्षि दयानन्द पौराणिक माता-पिता की सन्तान थे जिन्होंने सत्य की खोज की और जो सत्य उन्हें प्राप्त हुआ उसे अपनाकर उन्होंने  अपनी पूर्व मिथ्या आस्थाओं व सिद्धान्तों का त्याग किया। सत्य ही एकमात्र मनुष्य जाति की उन्नति का कारण होता है, अतः उन्होंने सत्य को न केवल अपने जीवन में स्थान दिया अपितु अपने […]

संस्मरण

मेरी कहानी 108

वुल्वरहैम्पटन तो मेरे लिए घर जैसा ही था। पहले ही दिन मुझे ड्राइविंग पर लगा दिया गिया। रोज़ रोज़ मुझे नए नए कंडक्टर मिलते और मज़े से काम करते। आइरीन रिटायर हो गई थी। पार्क लेंन में औरतें बहुत काम करती थीं और कुछ तो ड्राइविंग भी करने लगीं थी। दरअसल पहले औरतें ड्राइविंग कर […]

राजनीति

जनसुविधा व बदलाव लाने वाला रेल बजट

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने वर्ष 2016-17 रेल बजट पेश कर दिया है। वार्षिक उत्सव के रूप में हर बार की तरह इस बार भी सभी विपक्षी दलों ने रेल बजट की आलोचना करते हुए निराशा व्यक्त की हैं लेकिन आश्चर्यजनक रूप से ओडीशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रेल बजट की सराहना करते हुए तथा […]