भजन/भावगीत

संबंध सुहाना है

भावगीत

है प्रेम से जग प्यारा, सुंदर है सुहाना है
जिस ओर नज़र जाए, बस प्रेम-तराना है-

बादल का सागर से, सागर का धरती से
धरती का अंबर से, संबंध सुहाना है-

तारों का चंदा से, चंदा का सूरज से
सूरज का किरणों से, संबंध सुहाना है-

सखियों का राधा से, राधा का मोहन से
मोहन का मुरली से, संबंध सुहाना है-

पेड़ों का पत्तों से, पत्तों का फूलों से
फूलों का खुशबू से, संबंध सुहाना है-

जन-जन में प्रेम झलके, हर मन में प्रेम छलके
मन का इस छलकन से, संबंध सुहाना है-

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

4 thoughts on “संबंध सुहाना है

  1. पेड़ों का पत्तों से, पत्तों का फूलों से

    फूलों का खुशबू से, संबंध सुहाना है- बहुत मजेदार कविता .

    1. प्रिय गुरमैल भाई जी, प्रोत्साहन के शुक्रिया.

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