Monthly Archives: April 2016







  • अकाल या अनावृष्टि

    अकाल या अनावृष्टि

    जलाशय सूखे, नहर, कुएं सब सुख गए खेतों में पानी नहीं, जमीन में दरारे पड गए ||1|| दैवी प्रकोप है या, है यह प्रकृति का रोष स्वार्थी बने मानव, दिल में दरार पड़ गए ||२|| बूंद...

  • दोहे

    दोहे

    अजब गजब की रीत नित, अजब गजब का शान किसका किसने लुट लिया, किसकी है पहचान।।-1 भीड़ मची दो घाट पर, धोते हैं सब खूब एक दूजे की कालर, पकड़े है अब डूब।।-2 भारत माँ की...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रक्त का संचार है पर्यावरण साँस की रफ़्तार है पर्यावरण। फूल, फल या छाँव की ख्वाहिश अगर तो प्रकृति से प्यार है पर्यावरण। उन परिन्दों के लिए भी सोचिए उनकी भी दरकार है पर्यावरण। मन खिले,...