कविता

“कुंडलिया छंद”

  आँधी चली कतेक से, उड़े धूल आकाश आँखों में है किरकिरी, मलिन पंथ प्रकाश मलिन पंथ प्रकाश, न दिखे निचे गड्ढ़ा आई कमरन में चोट, गिरि कराहे बुड्ढ़ा कह गौतम कविराय, उड़ाए झोंका पाँती बरष असाढ़े जाय, उड़ी यह बैरी आँधी॥ महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

लघुकथा

साधू बिच्छू

क्या तुम भी न ….. दिन भर लैपटॉप या मोबाईल में घुसी रहती हो …. या तो फेसबुक ब्लॉग या व्हाट्सएप्प ….. अगल बगल क्या हो रहा है उसकी जानकारी तो रखती नहीं हो …… चली हो देश दुनिया की खबरों में हिस्सेदारी करने …… रिश्तेदारों से तो निभती नही है … आभासी दुनिया में […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

अनेकानेक करोड़ो भूगोल, सूर्य चन्द्रादि लोकों का निर्माण, उनका धारण, भ्रमण व उन्हें नियमों में रखना आदि कार्य परमेश्वर के बिना कोई नहीं कर सकता : डा. सोमदेव शास्त्री

ओ३म् –गुरुकुल पौंधा में सत्यार्थ प्रकाश स्वाध्याय शिविर जारी– श्रीमद् दयानन्द आर्ष ज्योर्तिमठ गुरुकुल, पौंधा, देहरादून का सत्रहवां वर्षिकोत्सव आरम्भ हो चुका है जिसका समापन 5 जून, 2016 को होगा। वार्षिकोत्सव के अन्तर्गत 25 मई, 2016 से योग साधना शिविर स्वामी अमृतानन्द सरस्वती जी के निर्देंशन में आरम्भ हो चुका है। 30 मई, 2016 से […]

हास्य व्यंग्य

पप्पू और पांच सौ का नोट

पप्पू को कई महीनों बाद पांच सौ के नोट के दर्शन हुए. उसकी खुशी का ठिकाना न रहा. बड़े जतन से उसे अपने पर्स में रखकर वह बड़ा-सा झोला लेकर शॉपिंग के लिए निकला. वह पास की ही एक ऐसी मार्केट में गया जहां सब चीज़ें मिलती थीं. उसने सोचा दूध भी ले आएगा, मदर […]

कविता

पिता

मैं मुबारक बात आज कहता हूँ मैं आपकी तारीफें सिर्फ करता हूँ मैं पल-पल इंतजार जिनका करता हूँ मैं आपके दीदार का बयाँ कहता हूँ। हो तात, पिता भगवंत आप मेरे गुन-गाऊँ अब आपके कितने घनेरे? है जन्म-दाता जब आप ही मेरे, इन लफ्जों से भी आप हो बहुत अनेरे। छत्र-छाया में आपकी, मैं भूला […]

समाचार

आईना बोलता है

………… प्रभु सहारे रेल का सफर……….. ‘रेल हमसफर सप्ताह’ प्रभु द्वारा प्रदत्त असीम रेल अनुकंपाओं को उजागर करने के उद्देश्य से, उन्ही के आह्वान पर रेल विभाग द्वारा मनाया जा रहा है। सराहनीय सुधारों पर जन प्रतिक्रिया भी आमंत्रित की जा रहा है। इस कड़ी में, रेल द्वारा दी जा रही सुविधाओं को इंगित करते […]

बाल कविता

मेरी माँ

प्यारी-प्यारी मेरी माँ सबसे न्यारी मेरी माँ मुझे बिठाती गोदी माँ सुन्दर बनाती चोटी माँ होम वर्क करवाए माँ वीडियो गेम खिलाए माँ लंच बनाकर देती माँ बैग सजाकर देती माँ कहानी अच्छी सुनाती माँ मेंहदी मुझे लगाती माँ रोती हूँ तो हँसाती माँ बाग में झूला झुलाती माँ इक फुलवारी मेरी माँ प्यारी-प्यारी मेरी […]

कविता

मैं चाहता हूँ

मैं चाहता हूँ इंसान ,इंसान बने छोड़ दे लड़ना – झगड़ना ईश्वर का वरदान बने l कोई भूखा भी ना सोए रोटी के बिन जीवन ना अपना खोए l प्रेम से भरा संसार हो रंग नस्ल, जाति, धर्म नहीं एक इश्वर आधार हो l ज्ञान विज्ञान फले – फूले आविष्कारों और खोजों का हर मानव […]

कविता

अंजान सफ़र

मैं अंजान हूँ इस सफ़र में मुझे कुछ नहीं है आता तू ही बता मेरे साथी कैसे बढूँ इस डगर में। चुन ली है राह मैंने तेरे संग ज़िन्दगी की अब तू ही मेरा सहारा अब तू ही मेरा किनारा। अरमा भरे सफ़र में पंखों में जो जां तूने भर दी इस जागती आँखों में […]

गीत/नवगीत

“भोजपुरी गीत”

“मन अजोर हो गइल” तोहरी देखली सुरतिया मन अजोर हो गइल रात देखली सपन सजन चितचोर हो गइल चित के चैना उड़ल मन के मैना उड़ल पंहुचल बगिया में जाके बिभोर हो गइल॥ प्रीति के रीति कबहु हम न पढ़ली सखी आज सिखली नव हरफ बड़ शोर हो गइल॥ सुधि बुधि खो गइल राह अरुझे […]