Monthly Archives: May 2016

  • “कुंडलिया छंद”

    “कुंडलिया छंद”

      आँधी चली कतेक से, उड़े धूल आकाश आँखों में है किरकिरी, मलिन पंथ प्रकाश मलिन पंथ प्रकाश, न दिखे निचे गड्ढ़ा आई कमरन में चोट, गिरि कराहे बुड्ढ़ा कह गौतम कविराय, उड़ाए झोंका पाँती बरष...



  • पप्पू और पांच सौ का नोट

    पप्पू और पांच सौ का नोट

    पप्पू को कई महीनों बाद पांच सौ के नोट के दर्शन हुए. उसकी खुशी का ठिकाना न रहा. बड़े जतन से उसे अपने पर्स में रखकर वह बड़ा-सा झोला लेकर शॉपिंग के लिए निकला. वह पास...

  • पिता

    पिता

    मैं मुबारक बात आज कहता हूँ मैं आपकी तारीफें सिर्फ करता हूँ मैं पल-पल इंतजार जिनका करता हूँ मैं आपके दीदार का बयाँ कहता हूँ। हो तात, पिता भगवंत आप मेरे गुन-गाऊँ अब आपके कितने घनेरे?...

  • आईना बोलता है

    आईना बोलता है

    ………… प्रभु सहारे रेल का सफर……….. ‘रेल हमसफर सप्ताह’ प्रभु द्वारा प्रदत्त असीम रेल अनुकंपाओं को उजागर करने के उद्देश्य से, उन्ही के आह्वान पर रेल विभाग द्वारा मनाया जा रहा है। सराहनीय सुधारों पर जन...

  • मेरी माँ

    मेरी माँ

    प्यारी-प्यारी मेरी माँ सबसे न्यारी मेरी माँ मुझे बिठाती गोदी माँ सुन्दर बनाती चोटी माँ होम वर्क करवाए माँ वीडियो गेम खिलाए माँ लंच बनाकर देती माँ बैग सजाकर देती माँ कहानी अच्छी सुनाती माँ मेंहदी...

  • मैं चाहता हूँ

    मैं चाहता हूँ

    मैं चाहता हूँ इंसान ,इंसान बने छोड़ दे लड़ना – झगड़ना ईश्वर का वरदान बने l कोई भूखा भी ना सोए रोटी के बिन जीवन ना अपना खोए l प्रेम से भरा संसार हो रंग नस्ल,...

  • अंजान सफ़र

    अंजान सफ़र

    मैं अंजान हूँ इस सफ़र में मुझे कुछ नहीं है आता तू ही बता मेरे साथी कैसे बढूँ इस डगर में। चुन ली है राह मैंने तेरे संग ज़िन्दगी की अब तू ही मेरा सहारा अब...

  • “भोजपुरी गीत”

    “भोजपुरी गीत”

    “मन अजोर हो गइल” तोहरी देखली सुरतिया मन अजोर हो गइल रात देखली सपन सजन चितचोर हो गइल चित के चैना उड़ल मन के मैना उड़ल पंहुचल बगिया में जाके बिभोर हो गइल॥ प्रीति के रीति...