कविता

काश! मैं एक बच्चा होता

काश! मैं एक बच्चा होता
अकल का जरा कच्चा होता
मन का बहुत सच्चा होता
न जाने कितना अच्छा होता
माँ मुझे गोदी में खिलाती
अपने कोमल आँचल में सुलाती
भूख मुझे जो लग जाती
अपने सतनों का दूध पिलाती
पिताजी कंधे पे घुमाते
हाथ पकड़ चलना सिखाते
बन्दर वाले का नाच दिखाते
प्यार से मुझे फिर गले लिगाते
जानता न अच्छे बुरे का भेद
होता न किसी गलती का खेद
भावनाओं में न मेरे होता छेद
करता न कोई भी मुझसे विभेद
सबका मैं बहुत प्यारा होता
हाथ में मेरे भी गुब्बारा होता
हंसी ख़ुशी में गुजारा होता
अनजान भी मेरा सहारा होता

परिचय - अर्जुन सिंह नेगी

नाम : अर्जुन सिंह नेगी पिता का नाम – श्री प्रताप सिंह नेगी जन्म तिथि : 25 मार्च 1987 शिक्षा : बी.ए., डिप्लोमा (सिविल इंजीनियरिंग), ग्रामीण विकास मे स्नातकोत्तर डिप्लोमा।l पेशा : एसजेवीएन लिमिटेड (भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार का संयुक्त उपक्रम) में सहायक प्रबन्धक के पद पर कार्यरत l लेखन की शुरुआत : सितम्बर, 2007 से (हिमप्रस्थ में प्रथम कविता प्रकाशित) l प्रकाशन का विवरण (समाचार पत्र व पत्रिकाएँ): दिव्य हिमाचल (समाचार पत्र), फोकस हिमाचल साप्ताहिक (मंडी,हि.प्र.), हिमाचल दस्तक (समाचार पत्र ), गिरिराज साप्ताहिक(शिमला), हिमप्रस्थ(शिमला), प्रगतिशील साहित्य (दिल्ली), एक नज़र (दिल्ली), एसजेवीएन (शिमला) की गृह राजभाषा पत्रिका “हिम शक्ति” जय विजय (दिल्ली), ककसाड, सुसंभाव्य, सृजन सरिता व स्थानीय पत्र- पत्रिकाओ मे समय- समय पर प्रकाशन, पार्वती प्रकाशन इंदौर से मई २०१६ में कविता का साँझा संग्रह 'महादेवी' प्रकशित, वर्ष 2019 में अंतिका प्रकाशन दिल्ली से कविता संग्रह "मुझे उड़ना है" प्रकाशितl विधाएँ : कविता , लघुकथा , आलेख आदि प्रसारण : कवि सम्मेलनों में भागीदारी l स्थायी पता : गाँव व पत्रालय –नारायण निवास, कटगाँव तहसील – निचार, जिला – किन्नौर (हिमाचल प्रदेश) पिन – 172118 वर्तमान पता : निगमित सतर्कता विभाग , एसजेवीएन लिमिटेड, शक्ति सदन, शनान, शिमला , जिला – शिमला (हिमाचल प्रदेश) -171006 मोबाइल – 09418033874 ई - मेल :negiarjun1987@gmail.com

8 thoughts on “काश! मैं एक बच्चा होता

  1. बहुत सुन्दर गीत आदरणीय अर्जुन नेगी जी . बधाई आप को .

  2. प्रिय अर्जुन भाई जी, अति सुंदर गीत के लिए आभार.

  3. प्रिय अर्जुन भाई जी, अति सुंदर गीत के लिए आभार.

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